मंत्री पद व विधायकी जाने के बाद भी प्रद्युम्न व मुन्नालाल के घर खुशी का माहौल - .

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Friday, 20 March 2020

मंत्री पद व विधायकी जाने के बाद भी प्रद्युम्न व मुन्नालाल के घर खुशी का माहौल

Gwalior News : मंत्री पद व विधायकी जाने के बाद भी प्रद्युम्न व मुन्नालाल के घर खुशी का माहौल

प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के साथ सिंधिया समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर का मंत्री पद व मुन्नालाल गोयल की विधायकी जाने के बाद भी उनके घर में खुशी का माहौल है। परिजन इस बात से खुश हैं कि यह लोग अचानक दिल्ली गए और वहां से बेंगलुरू पहुंच गए। 3-4 दिन तक परिजन से बात भी नहीं हो पाई थी।
परिजन का कहना है सुबह बात हुई थी, शाम तक वे भोपाल आ जाएंगे और शनिवार शाम तक घर आने की उम्मीद है। अमेरिका से 24 घंटे पहले लौटे प्रद्युम्न सिंह के बेटे रिपुदमन तोमर का कहना है कि वह पिता के निर्णय से खुश हैं और उनके साथ हैं। इसी तरह मुन्ना लाल गोयल के भतीजे राहुल ने बताया कि परिवार के हर सदस्य चाचाजी के निर्णय साथ हैं। क्षेत्र के लोग भी उनसे मिलने को आतुर हैं।
पापा ने अपने व सिंधिया के सम्मान के लिए मंत्री पद छोड़ने की चर्चा की थी: रिपुदमन सिंह अमेरिका से एमबीए कर रहा है। कोरोना महामारी के कारण गुरुवार को ही घर लौटकर आए हैं। रिपुदमन ने बताया कि 3-4 दिन से तो पापा से बात नहीं हो पा रही थी। जिस कारण परिजन कुछ चिंतिंत थे। हालांकि इस बात की सूचना मिल गई थी कि वह बेंगलुरू में हैं। पापा ने कॉल कर बताया था कि उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जाने के लिए मंत्री पद छोड़ने के साथ विधायकी से भी त्यागपत्र देने का फैसला किया है। मैंने उनसे कहा पूरा परिवार आपके निर्णय के साथ है।

कांसे की थाली में दाल खाने की आदत ने कुछ दिन किया परेशान: पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल के घर भी शुक्रवार को खुशी माहौल था। परिजनों को इस बात खुशी है कि शनिवार रात तक वे घर लौट आएंगे। गोयल की पत्नी शारदा गोयल व भतीजे राहुल ने बताया कि 9 मार्च की रात को अचानक उन्होंने बताया कि इसी वक्त बाहर जा रहे हैं। कुछ कपड़े अटैची में डाल दें। दो जोड़ी कुर्ता-पाजमा व जरूरत का सामान लेकर वह स्टेशन चले गए। परिजनों को केवल इतना बताकर गए थे कि जरूरी काम से दिल्ली जा रहे हैं। अमूमन वह दिल्ली-भोपाल जाते रहते हैं। इसलिए परिवार के लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया।

दिल्ली से पता चला कि वह बेंगलुरू पहुंच गए, जिस रात वह दिल्ली गए थे उनका 3 साल का नाती अस्पताल में भर्ती था। जिसे वह काफी स्नेह करते हैं। उन्होंने सिंधिया के साथ जाने के लिए विधायकी से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था। परिजन ने भी उनके निर्णय में सहमति जताई। बीच-बीच में उनसे बात होती रहती थी। परिजन ने यह भी बताया कि मुन्नाालाल गोयल को प्रतिदिन नाश्ते में दलिया व दोपहर के भोजन में मूंग की छिलके वाली दाल व दो चपाती उनका पसंदीदा आहार है। भोजन भी कांसे की थाली में करते हैं। दिनभर एक किलो के लगभग पपीता लेते हैं।

बेंगलुरू पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि उनके शाकाहरी होने के कारण परेशानी हो रही है। डोसा भी नरियल के तेल में बनाते हैं, इसलिए भोजन उन्हें पसंद का नहीं मिल पा रहा है। लेकिन बाद में वह एडजस्ट हो गए। पत्नी शारदा व भतीजे राहुल गोयल ने बताया दो बार चुनाव हारने के बाद भी तीसरी सिंधिया ने उन पर भरोसा कर टिकिट दिलवाया और वह जीते भी। सिंधिया के समर्थन में विधायकी जाने का परिवार के लोगों को कोई गम नहीं हैं, पूरा परिवार उनके साथ है।

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