कपड़ा बाजार में दो साल की रिकॉर्ड ग्राहकी, मुनाफे के चलते कंपनियां नहीं बढ़ा रहीं दाम - .

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Sunday, 26 January 2020

कपड़ा बाजार में दो साल की रिकॉर्ड ग्राहकी, मुनाफे के चलते कंपनियां नहीं बढ़ा रहीं दाम

कपड़ा बाजार में दो साल की रिकॉर्ड ग्राहकी, मुनाफे के चलते कंपनियां नहीं बढ़ा रहीं दाम

कपड़ा बाजार में पिछले एक माह से अच्छी ग्राहकी बनी हुई है। उत्पादक केंद्रों से नियमित आपूर्ति और भाव बढ़कर नहीं आने का लाभ खेरची में भी देखने को मिला है। दीपावली के बाद से बाजार में भाव स्थिर हैं। अच्छी ग्राहकी देखते हुए निर्माता भाव नहीं बढ़ा रहे हैं। पिछली फसल के बाद से कपड़ों की नियमित ग्राहकी बनी हुई है। दीपावली से शुरू हुई ग्राहकी शादी-ब्याह के मौजूदा दौर में रफ्तार पकड़ी है। इसके आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। कारोबारी लंबे समय बाद स्टॉक हल्का होने की बात मान रहे हैं। पिछले दो वर्ष में इससे बेहतर ग्राहकी कपड़ा बाजार में नहीं रही।
कारोबारियों के अनुसार जोरदार ग्राहकी की वजह से उत्पादक केंद्रों पर बढ़ी हुई मांग के बावजूद भाव नहीं बढ़े है। सूरत, अहमदाबाद, मुंबई और कोलकाता के नियमित निर्माताओं के साथ ही फैंसी माल में भी काफी अच्छी ग्राहकी देखी जा रही है। पिछले दिनों इन केंद्रों पर निर्माताओं ने छोटी प्रदर्शनियों के जरिए नए माल की बिक्री की थी। इनसे भारी मात्रा में नए पैटर्न बेचने में मदद मिली। कारोबारी इन प्रदर्शनियों के मार्फत उत्पाद बेचने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इससे बड़े विके्रता केंद्रों पर लगने वाले मेले के प्रति आकर्षण कम होता जा रहा है।

लागत बढ़ने के बावजूद नहीं बढ़े दाम :- सीजन के लिहाज से फैंसी साड़ियों में सभी रेंज में काफी अच्छा कामकाज हुआ है। इसके असर से अधिकांश निर्माताओं ने बगैर भाव बढ़ाए माल बेचने में दिलचस्पी दिखाई, जबकि कू्रड की कीमतों में तेजी के चलते लागत में बढ़ोतरी हुई है। इसके उलट कारोबारियों की रुचि पुराना स्टॉक हल्का करने और नए माल हाथोंहाथ बेचने में है, ताकि धन का परवाह तेज बना रहे। कारोबार की कुल मात्रा में सुधार के साथ निर्माताओं को इस अवधि में उधार वसूलने में भी काफी मदद मिली है। ग्राहकी देखते हुए व्यापारियों ने उत्पादन भी बढ़ाया है। बाजार में साड़ियों में कयान प्रिंट, कोनिका प्रिंट, कलाश्री साड़ी, शौर्य प्रिंट के साथ ही सलवार सूट में सूर्यज्योति, पाटीदार मिल्स, जेटी मिल्स, बालाजी कॉटन एवं मिश्री क्रिएशन नए कैटलॉग का माल आना शुरू हो गया है।
स्टॉक खाली करने में रुचि :- भीलवाड़ा के नियमित सूटिंग-शर्टिंग के साथ ही रेडीमेड यूनिफॉर्म निर्माताओं की खरीदी भी देखी जा रही है। कारोबारियों के अनुसार रेडीमेड में यूनिफॉर्म की मांग के साथ भीलवाड़ा के निर्माता इस बार भाव वृद्घि टाल दी है। अधिकांश करोबारी इस सीजन में अपने स्टॉक और तैयार माल बेचने रुचि दिखा रहे है। साथ ही कारोबारियों का उत्पादन और विक्रेता केंद्रों पर पुरानी उधारी वसूलने पर भी खासा जोर है।

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