नौकरीपेशा लोगों के लिए काम की खबर, अब अपनी मर्जी से कटवा सकेंगे कम PF, नियम बदलने से ये होंगे फायदे - .

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Sunday, 8 December 2019

नौकरीपेशा लोगों के लिए काम की खबर, अब अपनी मर्जी से कटवा सकेंगे कम PF, नियम बदलने से ये होंगे फायदे

PF Rules: नौकरीपेशा लोगों के लिए काम की खबर, अब अपनी मर्जी से कटवा सकेंगे कम PF, नियम बदलने से ये होंगे फायदे

नौकरी करने वालों के लिए यह एक काम की खबर है। जिन लोगों का PF कटता है, उनके लिए केंद्र सरकार ने एक राहत भरा प्रावधान करने जा रही है। सरकार ने नए सोशल सिक्योरिटी कोड बिल 2019 (Social Security Code Bill 2019) में यह सुविधा दी है कि कर्मचारी अब अपनी इच्‍छा से चाहे तो पीएफ के लिए कम राशि कटवा सकता है। यानी कर्मचारी अब उसकी मर्जी से PF Deduction कर सकेगा। इस बिल को हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद इस बिल को संसद में प्रस्‍तुत किया जा सकता है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्‍द ही यह नियम बनकर लागू हो जाएगा।
कर्मचारी अपनी इच्‍छा अनुसार पीएफ की कटौती करवाएंगे तो इसका सीधा असर सबसे पहले वेतन पर पड़ेगा। उनकी टेक होम सैलरी यानी हाथ में आने वाली पगार बढ़कर मिलेगी। एक प्रकार से कहा जा सकता है कि बिना किसी इंक्रीमेंट के ही बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगेगा। पीएफ के नियमों के अनुसार नियोक्‍ता को कर्मचारी को 12 प्रतिशत का अंशदान देना होता है। कर्मचारी भविष्‍य निधि (EPF) में एंपलायी और एम्‍पलॉयर दोनों मिलाकर 12-12 प्रतिशत अंशदान लेते हैं और कुल जमा राशि भविष्‍य निधि में जमा होती है। नए नियम बनने के बाद भी ये नियम जारी रहेगा। यानी नए बिल के अनुसार नियोक्‍ता कंपनी को कर्मचारी के लिए 12 फीसदी हिस्‍सा पूरा ही देना होगा। इस प्रावधान से नियोक्‍ता को कोई फायदा नहीं मिलने वाला।
नए सोशल सिक्‍योरिटी कोड बिल 2019 में कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने एक और राहत भरा ऐलान किया है। इसमें असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक यूनिक आइडेंटिडी कार्ड उपलब्‍ध कराया जाएगा। इस कार्ड में संबंधित कर्मचारी से जुड़ी कई जानकारियां दर्ज होंगी। यह Unique identity card आधार नंबर से भी लिंक रहेगा। इस कार्ड के माध्‍यम से असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी सरकारी योजनाओं एवं सरकारी सुविधाओं का लाभ अपेक्षाकृत आसानी से ले सकेंगे। अब पीएफ का बैलेंस जानना आसान है। यदि आपका UAN EPFO के साथ रजिस्‍टर्ड है, तो आप 7738299899 पर एसएमएस भेजकर अपने लेटेस्‍ट कांट्रीब्‍यूशन और PF बैलेंस की डिटेल प्राप्त कर सकते हैं। आपको EPFOHO UAN ENG यह मैसेज भेजना होगा।

ईपीएफ ब्याज दर केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) द्वारा निर्धारित की जाती है, जो सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। ट्रस्टी निवेश पर वार्षिक रिटर्न का आकलन करने के बाद निर्णय लेते हैं। चूंकि यह भारत सरकार से एक पैसा भी नहीं लेता है, इसलिए यह वित्त मंत्रालय के आदेश का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है। CBT की अध्यक्षता श्रम मंत्री करते हैं और इसमें केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों, ट्रेड यूनियनों और उद्योग निकायों का प्रतिनिधित्व होता है।
- नौकरी पर रहते हुए पीएम राशि निकालने की कोई समय-सीमा नहीं है। हां यदि नौकरी छोड़ते हैं तो कर्मचारी को यह राशि हासिल करने के लिए दो माह इंतजार करना होगा। यदि आप नई कंपनी ज्वाइन करते हैं, तो नियोक्ता का हिस्सा फिर जमा होने लगेगा और PF का पैसा अच्छे ब्याज के साथ बढ़ने लगेगा।
बताते चलें कि, पीएफ अकाउंट और आधार कार्ड में डिटेल्स अलग होने पर आपका कोई भी क्‍लेम सेटल नहीं होगा। रि‍टायरमेंट पर फंड नि‍कालने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपकी थोड़ी सी लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है। इसलिए समय रहते आप खुद ही ऑनलाइन अपनी इस समस्‍या को हल कर लें। बता दें कि, ईपीएफओ ने पेपरवर्क और समय बचाने के लिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट की सुविधा शुरू कर दी है। कर्मचारी से रिक्वेस्ट मिलने के बाद सिस्टम उसकी तुलना UIDAI डाटा से करता है। वेरिफिकेशन के बाद रिक्वेस्ट नियोक्ता के लॉगइन पर भेजी जाएगी और अंत में ईपीएफओ फील्ड ऑफिसर रिक्वेस्ट को वेरिफाई करेगा। वेरिफाई करने के साथ ही किए गए सुधार की प्रॉसेसिंग का काम भी करेगा।
अगर किसी ईपीएफओ मेंबर्स की आकास्मिक मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी इन्‍श्‍योरेंस की राशि को क्‍लेम कर सकता है। EPFO मेंबर्स को इन्‍श्‍योरेंस कवर की यह सुविधा इम्‍पलाई डिपॉजिट लिंक्‍ड इन्‍श्‍योरेंस स्‍कीम (EDLIS) के तह‍त मिलती है। इस स्‍कीम के तहत मेंबर्स की आकास्मिक मृत्यु पर नॉमिनी को अधिकतम 6 लाख रुपए का इन्‍श्‍योरेंस कवर का भुगतान किया जा सकता है। पहले इसकी लिमिट 3,60,000 रुपए थी, जो अब 6 लाख रुपए कर दी गई है। ईपीएफओ मेंबर्स की आकास्मिक मृत्यु पर नॉमिनी को पिछले 12 महीने की औसत सैलरी की 20 गुना राशि, 20 फीसदी बोनस के साथ मिलती है।

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