निर्भया के दरिंदे को बचाने के लिए वकील ने त्रेता युग से गांधी हत्या तक दी यह दलीलें - .

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Thursday, 19 December 2019

निर्भया के दरिंदे को बचाने के लिए वकील ने त्रेता युग से गांधी हत्या तक दी यह दलीलें

Nirbhaya Case: निर्भया के दरिंदे को बचाने के लिए वकील ने त्रेता युग से गांधी हत्या तक दी यह दलीलें

निर्भया केस के एक दोषी अक्षय कुमार सिंह की समीक्षा याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अक्षय के वकील एपी सिंह की ओर से उसकी फांसी की सजा को लेकर सवाल उठाए गए साथ ही कोर्ट से फांसी की सजा रोकने की अपील की गई। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से तर्क रखे गए। सिंह ने निर्भया मामले में पुलिस पर ठीक से जांच ना करने के गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि इस पर कोर्ट ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि अब पुलिस जांच पर कोई बात नहीं की जाएगी। इसके बाद अक्षय के वकील ने याचिकाकर्ता की ओर से कई अजीबोगरीब दलीलें दी गईं जिसे जानकर हैरानी होगी।
कोर्ट के फैसले को लेकर कहा: शीर्ष कोर्ट के सामने वकील एपी सिंह ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले में दबाव में फैसला लिया है। उन्होंने हैदराबाद एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी दबाव में एनकाउंटर किया गया।

महात्मा गांधी का किया जिक्र:-  अक्षय के वकील ने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि दोषी को मौत की सजा नहीं दी जाना चाहिए क्योंकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने की या नहीं यह आज तक साफ नहीं हुआ है।
भारत को बताया अहिंसा का देश :-  इस अजीबोगरीब दलील को रखते हुए एपी सिंह ने कहा कि भारत अहिंसा पसंद देश है। यहां कमजोर को सजा नहीं दी जाना चाहिए। यह भी समझ नहीं आ रहा कि राज्य सरकार ने इस मामले में इतनी तेजी क्यों दिखाई है। जबकि जेल में तो कई बड़े अपराधी पड़े हुए हैं।

त्रेता युग का दिया हवाला :- सुनवाई के दौरान अक्षय के वकील ने त्रेता युग का जिक्र किया और कहा कि भारत का इतिहास शांति का रहा है। ऐसे में किसी को फांसी की सजा देना ठीक नहीं है।
गलत तरीके से फंसाने का लगाया आरोप :- कोर्ट के सामने वकील एपी सिंह ने कहा कि अक्षय को गलत तरीके से फंसाया गया। उसके खिलाफ फर्जी कागजात तैयार किए गए।
रेयान स्कूल का दिया उदाहरण :- अपनी दलील रखते हुए वकील सिंह ने दिल्ली के रेयान इंटरनेशनल स्कूल की घटना का जिक्र किया। जिसमें पहले पुलिस ने बच्चे की हत्या के आरोप में कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया था, उसके बाद खुलासा हुआ कि वह आरोपी नहीं था।

दिल्ली सरकार के वकील ने दिया तय तर्क :- कोर्ट में सुनवाई के दौरान अक्षय सिंह के वकील की दलीलों पर दिल्ली सरकार की ओर से पैरवी करते हए वकील तुषार मेहता ने पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसी घटना करने वाले राक्षस हैं और इन पर रहम की जरुरत नहीं है। कोर्ट के समक्ष मेहता ने कहा कि ऐसे दोषियों को पैदा करने वालों को भी इन पर शर्म आती होगी।

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