दलहन के बढ़ते भाव पर नियंत्रण की कोशिश तेज, आयात बढ़ाने पर हो रहा विचार - .

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Saturday, 21 December 2019

दलहन के बढ़ते भाव पर नियंत्रण की कोशिश तेज, आयात बढ़ाने पर हो रहा विचार

दलहन के बढ़ते भाव पर नियंत्रण की कोशिश तेज, आयात बढ़ाने पर हो रहा विचार

उड़द के भाव में आई तेजी के सहारे दलहन के भाव में बने सुधार के बाद सरकार इसके आयात बढ़ाने और अपने पास जमा बफर स्टॉक को राज्यों से बेचने की कोशिश में जुट गई है। खरीफ फसलों पर मौसम की मार के असर से दलहन बाजार में आए सुधार ने सरकार को परेशान किया है। प्याज के बाद आलू के भाव में भी बढ़ोतरी ने सरकार को तत्काल दलहन बाजार में कीमतों के नियंत्रण के लिए बाध्य किया है। सरकार बेहतर मूल्य दिलवाने की कोशिश के तहत अपने स्टॉक को रोके हुए थी लेकिन बाजार में कीमतें बढ़ने के साथ मंहगाई की मार बढ़ने से फिलहाल उसके पास आयात बढ़ाने और अपने बफर स्टॉक को बेचने के अतिरिक्त कोई हल नजर नहीं आ रहा है।
सरकार की भाव को नियंत्रण में रखने की सभी कोशिशों खरीफ की फसलों में आई खराबी के साथ ही बेकार होती चली गई। प्याज में रिकॉर्ड भाव की स्थिति के बाद अब आलू के भाव भी ऊंचे बने होना और खाद्य तेलों में तिलहन की कम पैदावार के साथ मंहगे आयात ने भाव को अनियंत्रित कर दिया है। ऐसे में सरकार के पास दलहन आयात बढ़ाने के साथ ही अपने बफर स्टॉक को बेचने के आलावा कोई विकल्प नहीं है।

दलहन आयात में बढ़ोतरी :- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर के दौरान दलहन का आयात 42.65 फीसदी बढ़कर 18.73 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 13.13 लाख टन दलहन आयात हुआ था। 5.75 लाख टन तुअर आयात (चार लाख टन निजी आयात से और 1.75 लाख टन सरकारी अनुमति से) की अनुमति है। चना आयात पर 60 फीसदी और मटर आयात पर 30 फीसदी आयात शुल्क तय किया गया है। बावजूद इसके दलहन की कीमतें लगातार बढ़ने से अब उड़द के आयात के लिए अतिरिक्त 2.50 लाख टन का कोटा जारी किया गया है।

बफर स्टॉक से बिकवाली :- आयात की निश्चित मात्रा के साथ ही सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बफर स्टॉक से लगभग साढ़े आठ लाख टन दलहन बाजार में लाने का फैसला किया है। केंद्र राज्यों को बाजार मूल्य पर दलहन उपलब्ध कराएगा। सरकार का इसके लिए तर्क है कि मूल्य स्थिरीकरण तंत्र के तहत उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बफर स्टॉक से औसत बाजार दर पर राज्य सरकारों को 8.47 लाख टन दलहन बिक्री की पेशकश की है। इसके बाद भी दलहन का स्टॉक बचेगा। सरकार ने 3.2 लाख टन तुअर , दो लाख टन उड़द, 1.2 लाख टन चना, 1.5 लाख टन मूंग और 57,000 टन मसूर की पेशकश की है। मंत्रालय के अनुसार चने की औसत दर 65 रुपए प्रति किलोग्राम, तुअर 85 रुपए प्रति किलोग्राम, उड़द 95 रुपए प्रति किलोग्राम, मूंग 85 रुपए प्रति किलोग्राम और मसूर 60 रुपए प्रति किलोग्राम है।

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