विदेशी कंपनी बनने की तैयारी में Airtel, यह बड़ा कदम उठाने की मांगी सरकार से मंजूरी - .

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Friday, 13 December 2019

विदेशी कंपनी बनने की तैयारी में Airtel, यह बड़ा कदम उठाने की मांगी सरकार से मंजूरी

विदेशी कंपनी बनने की तैयारी में Airtel, यह बड़ा कदम उठाने की मांगी सरकार से मंजूरी

हाल ही में वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा था कि अगर सरकार की मदद नहीं मिलती है तो कंपनी बंद हो जाएगी। इसके बाद अब भारती एयरटेल को लेकर बड़ी खबर आ रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि एयरटेल की प्रमोटर कंपनी भारती टेलीकॉम ने सरकार से 4,900 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल करने की इजाजत मांगी है। कंपनी सिंगापुर स्थित सिंगटेल और कुछ अन्य विदेशी निवेशकों के माध्यम से यह रकम जुटाना चाहती है। अगर सरकार यह इजाजत देती है, तो कंपनी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत के पार चली जाएगी और एयरटेल पर विदेशी मालिकाना हक हो जाएगा।
इस बदले शेयर :- धारिता पैटर्न के हिसाब से देश की सबसे पुरानी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल एक विदेश इकाई बन जाएगी। वर्तमान में प्रमोटर सुनील भारती मित्तल और उनके परिवार की भारती टेलीकॉम में लगभग 52 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

घटनाक्रम से जुड़े एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि विदेशी निवेशकों द्वारा 4,900 करोड़ रुपये का निवेश किए जाने के बाद कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत के ऊपर पहुंच जाएगी, जो इसे विदेशी स्वामित्व वाली कंपनी में तब्दील कर देगा। भारती एयरटेल में भारती टेलीकॉम की करीब 41 प्रतिशत, विदेशी प्रमोटर इकाइयों की 21.46 प्रतिशत और आम शेयरधारकों की करीब 37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सूत्रों का कहना है कि भारती एयरटेल ने सिंगटेल और कुछ अन्य निवेशकों के माध्यम से यह रकम जुटाने की इजाजत मांगी है। दूरसंचार विभाग (डीओटी) इसी महीने कंपनी को इसकी इजाजत दे सकता है। इससे पहले डीओटी ने भारती एयरटेल के एफडीआइ प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसकी वजह यह थी कि कंपनी ने विदेशी निवेशकों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। अगर उसकी प्रमोटर भारती टेलीकॉम विदेशी स्वामित्व वाली कंपनी बनती है, तो एयरटेल में विदेशी हिस्सेदारी 84 प्रतिशत के पार चली जाएगी। एयरटेल इस बारे में पहले से ही सिंगटेल और अन्य निवेशकों से बातचीत कर रही है।
अगस्त में भारती एयरटेल ने शेयर बाजारों को बताया था कि भारती टेलीकॉम अपना कुछ कर्ज चुकाने के लिए वर्तमान प्रमोटर्स से कुछ रकम जुटाना चाहती है। कंपनी के प्रमोटर्स में सिंगापुर के सिंगटेल समेत कुछ अन्य विदेशी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी का कहना था कि वह अपने शेयरधारकों से समानुपातिक आधार पर (जिस प्रमोटर की जितने प्रतिशत हिस्सेदारी होगी उसी अनुपात में) पूंजी जुटाने का इरादा रखती है। एयरटेल का कहना है कि विदेशी हिस्सेदारी में रत्तीभर की भी बढ़ोतरी उसे विदेशी इकाई में बदल देगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों कंपनी के निदेशक बोर्ड ने विदेशी बाजारों से 300 करोड़ डॉलर (करीब 21,000 करोड़ रुपये) जुटाने की इजाजत दे दी है।

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