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Sunday, 10 November 2019

NPA घोषित हो चुके प्रोजेक्ट को भी रकम मिलेगी लेकिन रखना होगा यह ध्‍यान

NPA घोषित हो चुके प्रोजेक्ट को भी रकम मिलेगी लेकिन रखना होगा यह ध्‍यान

वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि हाउसिंग सेक्टर के लिए घोषित विशेष फंड से राष्ट्रय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में जा चुके या एनपीए घोषित हो चुके प्रोजेक्ट को भी रकम मिलेगी, बशर्ते उसके रिजॉल्यूशन प्लान पर क्रेडिटर्स ने कोई फैसला ना किया हो। सरकार ने बुधवार को अटके पड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 25 हजार करोड़ का विशेष फंड बनाने की घोषणा की थी। इस फंड से एनसीएलटी में जा चुके या एनपीए घोषित प्रोजेक्ट को भी पूंजी मिलेगी। फंड के लिए रकम कहां से आएगी, इसका भी ब्यौरा दिया गया है, जिसके मुताबिक इसमें सॉवरेन वेल्थ फंड, बैंक, पेंशन फंड और पीएफ शामिल हैं। इसमें वैसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पूरा होने के करीब आकर फंस गए हैं और सरकार इसमें केवल एक स्पांसर की भूमिका निभाएगी। बाकी काम इंवेस्टमेंट मैनेजर का होगा। प्रोजेक्ट का चयन फंड की इंवेस्मेंट कमेटी करेगी। मामला यदि अदालत में लंबित हो तो प्रोजेक्ट को पैसा नहीं मिलेगा। इंवेस्ट मैनेजर चाहे तो डेवलपर भी बदल सकता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस कदम से केवल 16 प्रतिशत अटके पड़े प्रोजेक्ट को मदद मिलेगी। बाकी प्रोजेक्ट की किस्मत अब भी तय होना बाकी है। एक नॉनफ़ॉर्मिंग एसेट (एनपीए) ऋण या अग्रिमों के लिए एक वर्गीकरण को संदर्भित करता है जो डिफ़ॉल्ट या बकाया में हैं। जब मूलधन या ब्याज भुगतान देर से या छूट जाते हैं तो एक ऋण बकाया होता है। एक ऋण डिफ़ॉल्ट रूप से होता है। जब ऋणदाता ऋण समझौते को तोड़ने पर विचार करता है और ऋणी अपने दायित्वों को पूरा करने में असमर्थ होता है।

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