रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ी, जानिये इसकी कुछ वजहें - .

Breaking

Tuesday, 1 October 2019

रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ी, जानिये इसकी कुछ वजहें

Real Estate : रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ी, जानिये इसकी कुछ वजहें

रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 लागू होने के बाद भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट में खरीदारों, खास तौर पर एनआरआई का भरोसा बहाल हुआ है। इसकी बदौलत रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ी है और बिल्डरों की जिम्मारियां स्पष्ट हुई हैं। इसके अलावा डिलिवरी की स्पष्ट समयसीमा तय हो गई है। अब डेवलपर किसी प्रोजेक्ट में मकानों की डिलिवरी तय समय पर करने से मुकर नहीं सकते। इसका फायदा यह हुआ कि जो लोग दूसरे देशों में बस गए हैं, उन्हें इस बात का इत्मीनान हो गया है कि यदि वे भारत में किसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में पैसा लगाएंगे तो सरकार तंत्र उनके निवेश पर नजर रखेगा और यदि बिल्डर के साथ कोई विवाद की स्थिति बनती है तो उनकी शिकायतों का सही तरीके से निपटारा हो जाएगा।
रुपए में कमजोरी एनआरआई के लिए फायदेमंद
हालांकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में गिरावट भारतीय आयातकों के लिए नुकसानदेह है, लेकिन भारत में निवेश के इच्छुक एनआरआई के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है। चूंकि वे डॉलर में निवेश करते हैं, लिहाजा भारत में उनके फंड की वैल्यू बढ़ जाती है। इस लिहाज से भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट में निवेश करना एनआरआई के लिए मुनाफे का सौदा बन गया है। एनआरआई की तरफ से भारत में किया गया हरेक यूएस डॉलर का निवेश रुपए में इन दिनों पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दे रहा है।
डिस्काउंट और मुफ्त उपहार :- डॉलर में निवेश करने के अपने फायदे के अलावा एनआरआई को कई दूसरी सहूलियतें भी मिल रही हैं। मसलन, पिछले कुछ वर्षों से रियल एस्टेट डेवलपरों ने किफायती मकानों में ज्यादा जोर दिया हुआ है। इसका मकसद अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करना है। कुछ डेवलपर कीमतों में छूट और खास तौर पर एनआरआई निवेशकों के लिए कई तरह के मुफ्त उपहारों की भी पेशकश कर रहे हैं। इस लिहाज से प्रवासी भारतीयों के लिए प्रॉपर्टी में निवेश अच्छा-खासा आकर्षक हो गया है। भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में डिस्काउंट की पेशकश आम तौर पर वैसे एनआरआई खरीदारों को की जा रही है, जो पहली बार भारत में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं।

No comments:

Post a Comment

Pages