बारिश के चलते प्रभावित हुईं नर्मदा महोत्सव की तैयारियां - .

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Thursday, 3 October 2019

बारिश के चलते प्रभावित हुईं नर्मदा महोत्सव की तैयारियां

Jabalpur Weather Alert : बारिश के चलते प्रभावित हुईं नर्मदा महोत्सव की तैयारियां

शरद पूर्णिमा पर हर साल आयोजित होने वाला नर्मदा महोत्सव बारिश से प्रभावित हो सकता है। भेड़ाघाट स्थित धुआंधार जलप्रपात के पास यह आयोजन किया जाता है, लेकिन इस बार आयोजन स्थल पर नर्मदा का प्रवाह पिछले एक माह से निरंतर बना हुआ है।
पास में ही बना ब्रिज और उसका निचला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। पानी भराव के चलते इसका सुधार कार्य नहीं किया जा सका। ऐसे में इस बार यहां पर कार्यक्रम हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। कलेक्टर भरत यादव के साथ अन्य अधिकारी गुरुवार को मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। इसके बाद किसी दूसरे स्थल पर महोत्सव की तैयारियों को लेकर चर्चा हो सकती है।
तैयारी में लगते हैं एक माह, अभी समय कम :- - हर साल एक माह पहले तैयारी शुरू कर दी जाती थी, क्योंकि धुआंधार जलप्रपात वाले स्थल पर समतलीकरण करना, सड़कों की मरम्मत करना, कार्यक्रम स्थल के आस पास मिट्टी और मुरम का भराव करना पड़ता है। इस काम में हफ्तों का समय चाहिए। इस बार बरगी बांध के गेट लगातार खुले होने की वजह से धुआंधार जलप्रपात भी कई हफ्तों तक नजर नहीं आया।
सोमवार और मंगलवार को भी पानी कार्यक्रम स्थल पर भरा हुआ था। यदि पानी जल्द नीचे नहीं उतरा तो कार्यक्रम को किसी दूसरी जगह करना पड़ सकता है, क्योंकि तैयारी के लिए सिर्फ 10 अक्टूबर तक का समय प्रशासन के पास बचा है। 12 और 13 अक्टूबर को महोत्सव के दो दिनी कार्यक्रम होंगे।
कलाकार हो चुके तय :-  12 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम के लिए मुंबई के कलाकार सुजाता त्रिवेदी और रवि त्रिपाठी का नाम तय हुआ है। इसी तरह 13 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए फिल्म संगीत जगत के प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य का नाम तय हुआ है। इनके अलावा क्षेत्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम व आयोजन होंगे। जबलपुर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के सीईओ हेमंत सिंह के मुताबिक कलाकारों के नाम में परिवर्तन आने वाले दिनों में हो सकता है।
बरगी बांध के 5 गेट खुले :- लगातार बारिश की वजह से बरगी बांध के गेट भी इस बार निरंतर खुले हैं। बुधवार को गेटों की संख्या घटाकर 5 कर दी गई। पिछले कई सालों में यह पहला मौका है, जब बांध के गेटों को लगातार खोलना पड़ा। बुधवार को भी 5 गेट एक-एक मीटर ऊंचाई तक खुले थे।
भले ही गेटों की संख्या घटाकर पांच कर दी गई है, लेकिन ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट के तटीय क्षेत्र अभी भी पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। जबलपुर से लेकर होशंगाबाद तक नर्मदा नदी के तटीय हिस्से डूब में बने हुए हैं। वहीं तवा बांध का पानी भी बीच-बीच में छोड़ा जाता है।
इससे नर्मदा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगती है। बांध प्रबंधन के कार्यपालन यंत्री अजय सूरे के मुताबिक वर्तमान में बांध का जलस्तर 422.76 मीटर पर नियंत्रित किया गया है। मंडला और डिंडौरी जिलों में होने वाली बारिश का पानी लगातार बांध में आ रहा है। वहीं जलग्रहण क्षेत्र में भी रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को कलेक्टर महोदय व अन्य अधिकारियों द्वारा महोत्सव वाले स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। कलाकारों के नाम भी शासन स्तर से भेजे गए हैं।

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