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Wednesday, 2 October 2019

लंबी है लेकिन इतनी अच्छी है कि बोर नहीं होने देती

Sye Raa Narasimha Reddy Movie Review: लंबी है लेकिन इतनी अच्छी है कि बोर नहीं होने देती

रितिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म WAR के सामने रिलीज हुई यह फिल्म बिल्कुल अलग तरह की है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर ज्यादा फिल्में नहीं बनीं, लेकिन जितनी भी बनी हैं वो सभी ही यादगार और भव्य है। मनोज कुमार की 'शहीद' की बात कर लें या 'क्रांति' की। आमिर की 'लगान' को लें या 'इंडियन' को... सभी ही संग्राम की अमर गाथाएं कहती हैं। अब इसी सिलसिले को आगे बढ़ा रही है सैरा नरसिम्हा रेड्डी, जो दक्षिण भारत से आई है। बॉलीवुड और टॉलीवुड के दो महानायक चिरंजीवी और अमिताभ बच्चन इसमें साथ दिख रहे हैं। ये दोनों जब एक साथ आएंगे तो जाहिर तौर पर फिल्म भव्य ही होगी।
नरसिम्हा रेड्डी के जीवन पर आधारित है यह फिल्म। रेड्डी ने 1857 की क्रांति के 10 साल पहले अपने राज्य उयालपाड़ा से आजादी का बिगुल बजाया था। निर्देशक सुरेंद्र रेड्डी दर्शकों को 1847 के दशक में ले जाने में पूरी तरह से कामयाब हुए हैं उन्होंने हर छोटी से छोटी चीज का ध्यान रखा है जो उस समय इस्तेमाल होती हो या पाली जाती हो। फिल्म बहुत ही भव्य और दर्शनीय है। अभिनय की अगर बात करें तो चिरंजीवी पूरी तरह से छाए रहे। नरसिम्हा रेड्डी के किरदार में एक पल भी नहीं लगा की नरसिम्हा रेड्डी का किरदार चिरंजीवी निभा रहे हैं वह खुद नरसिम्हा रेड्डी ही नजर आ रहे थे। महानायक अमिताभ बच्चन भी अपने किरदार में एकदम जीवंत नजर आ रहे हैं। इसके अलावा किच्छा सुदीप, विजय सेतुपति, जगपथी बाबू, रवि किशन, नयनतारा, तमन्नाह और निहारिका जैसे कलाकार भी भारत के नजर आ रहे और सभी ने उम्दा प्रदर्शन किया है।
खासतौर पर किच्चा सुदीप और तमन्ना ने एक ऐसा परफॉर्मेंस दिया है जो अब तक के उनके करियर का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस है। कुल मिलाकर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा किस सैरा नरसिम्हा रेड्डी ऐसी फिल्म है जिसे मैं सिर्फ इतिहास की नजर से देखना जरूरी है बल्कि एक कलाकृति की तरह भी उसे जाना चाहिए। हालांकि फिल्म की लंबाई थोड़ी ज्यादा है लेकिन फिल्म की गति लंबाई को महसूस नहीं होने देती।

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