धनतेरस पर महालक्ष्मी योग, जानिए खरीदी का खास मुहूर्त - .

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Friday, 25 October 2019

धनतेरस पर महालक्ष्मी योग, जानिए खरीदी का खास मुहूर्त

Dhanteras 2019 Shubh Muhurat : धनतेरस पर महालक्ष्मी योग, जानिए खरीदी का खास मुहूर्त

ब्रह्म एवं सिद्ध योग में शुक्रवार को धनतेरस मनाई जाएगी। इसी के साथ ही दोपोत्सव शुरू हो जाएगा। घर-आंगन, मंदिर, देवालयों में आज से दीपदान होने लगेगा। घर-घर धनपति कुबेर जी की पूजा की जाएगी।ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम ने बताया कि धनतेरस पर शुक्रवार को सौराशि का शुक्र अपनी तुला राशि में सूर्य और बुध के साथ महालक्ष्मी योग निर्मित कर रहा है। व्यापार, व्यवसाय के लिए शुभ है। स्वास्थ्य लक्ष्मी के देवता धन्वंतरि एवं धनलक्ष्मी के देवता कुबेर भगवान की पूजा करने का विधान है।
अक्षय पात्र खरीदने का विधान:- समुद्र मंथन में महालक्ष्मी के साथ धन्वंतरि अक्षय पात्र लेकर प्रगट हुए थे, इसलिए इस दिन अक्षय पात्र के रूप में बर्तन खरीदने का विधान है। कहा जाता है कि इस दिन खरीदे गए बर्तन व अक्षय पात्र में रखी गईं वस्तुएं कभी समाप्त नहीं होती। अक्षय पात्र को धन का कटोरा भी कहते हैं। इसलिए धन तेरस के दिन अक्षय पात्र की खरीदारी करना शुभकारी होता है। इसके अतिरिक्त महालक्ष्मी के भंडारी कुबेर जी की पूजा-अर्चना के साथ रत्न के साथ आभूषण खरीदना फलदायी एवं स्थिरता सूचक माना गया है।
ज्योतिषाचार्य पं. गौतम ने बताया कि यूं तो धनतेरस देवताओं का बनाया गया महामुहूर्त है। खरीदारी के मुर्हूतों में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे के आसपास एवं प्रदोष काल में शाम 6 बजे के आसपास विशेष रहता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिवजी को प्रसन्न करने वाला प्रदोष वृत भी है। प्रदोष काल में दक्षिण दिशा की ओर खड़े होकर दीपक लगाने से मृत्यु भय का दोष समाप्त हो जाता है।

खरीदारी के लिए विशेष समय
- सूर्योदय से 8 बजे तक तुला लग्न- सजावट की वस्तुएं तथा ऑनलाइन शॉपिंग।

- 8 से 10.16 बजे तक वृश्चिक लग्न- भूमि, भवन, सोना एवं लाल वस्तुएं।
-10.16 से 12.21 तक धनु लग्न- मांगलिक आभूषण, ज्वेलरी, लक्ष्मी के सिक्के, पूजा पाठ की सामग्री।

-12.21 से 3.41 मकर और कुंभ लग्न- सभी प्रकार के वाहन, फर्नीचर तथा बड़े बर्तन।
-3.41 से 5.12 तक मीन लग्न- ज्वेलरी, मांगलिक कार्य के लिए दहेज, बर्तन, धर्मकर्म पूजा-पाठ की वस्तुएं, धार्मिक पुस्तकें।

-5.12 से 6.52 तक मेष लग्न- जमीन के सौदे, सोना, पीतल एवं बिजली के सामान, हथियार।
-6.52 से 8.51 तक वृष लग्न- सजावटी सामान, भोग विलास की वस्तुएं, मनोरंजन के साधन।
-8.51 से 11.05 तक मिथुन लग्न- बहीखाते, दुकानों में रखने वाली गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति, व्यापारिक दुकानें, प्रतिष्ठान एवं अन्न खाद्य पदार्थ।
-11.05 से 1.21 मिनट तक कर्क लग्न- पानी के बर्तन, तरल पदार्थ, जूसर मशीन, आरओ मशीन, पानी की टंकी, जल रखने बर्तन।
धनतेरस पर रात 10 बजे 2100 दीपों से जगमगा उठेगा शिवालय :- श्री बड़वाले महादेव मंदिर में धनतेरस के दिन रात 10 बजे मिट्टी के 2100 दीप जलाए जाएंगे। इसी दिन सोम प्रदोष व्रत भी है, इसलिए बाबा बटेश्वर का अलौकिक व गर्भगृह को दीपों से सुसज्जित किया जाएगा। भजन संध्या के साथ आतिशबाजी भी की जाएगी। मंदिर में धनतेरस उत्सव मनाने की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सुबह पूजा-पाठ, अभिषेक, श्रृंगार और फिर आरती होगी। दोपहर में मंदिर की धुलाई और सफाई होगी। शाम को महिलाएं रंगोली सजाएंगी और पूरे मंदिर से सजाया जाएगा।

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