थ्रीडी इफेक्ट में दिखेंगे मास्टर प्लान के नक्शे, घर बैठे कर सकेंगे स्कैन - .

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Tuesday, 29 October 2019

थ्रीडी इफेक्ट में दिखेंगे मास्टर प्लान के नक्शे, घर बैठे कर सकेंगे स्कैन

थ्रीडी इफेक्ट में दिखेंगे मास्टर प्लान के नक्शे, घर बैठे कर सकेंगे स्कैन

मास्टर प्लान के जटिल नक्शों को समझने के लिए अब आपको मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। दरअसल, राजधानी समेत प्रदेश के अन्य शहरों के बनने वाले मास्टर प्लान रंगीन होने के साथ 3-डी तकनीक से बने होंगे। टीएंडसीपी संचालनालय ने 3-डी मास्टर प्लान को हरी झंडी भी दे दी है। हाल ही में टीएंडपीसी ने मास्टर प्लान को पेपरलेस करने का आदेश जारी किया था। ऑनलाइन मास्टर प्लान के साथ शहरी विस्तार व प्रावधानों के लिए 3-डी को अपनाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि मास्टर प्लान में शहरों की वास्तविक स्थिति दिखाई देगी। इसमें शहर में हुए निर्माणों की स्पष्ट तस्वीर ऑनलाइन दिखाई देगी। मतलब संबंधित बिल्डिंग या निर्माण की लंबाई, चौड़ाई के साथ स्ट्रक्चर (ढांचे) को तीन ओर से देखा जा सकेगा। इतना ही नहीं सिर्फ एक क्लिक पर आप अलग-अलग एंगल से निर्माण को देख सकेंगे। यह सुविधा पहली बार शुरू हो रही है। पहले मास्टर प्लानों में ऑनलाइन नक्शों की व्यवस्था नहीं होती थी। इनमें प्रावधानों के साथ नक्शों को दर्शाया जाता है। इसलिए इसे समझना मुश्किल था।
स्पष्टता इतनी कि सड़कों के गड्ढों को भी देख सकेंगे :- अधिकारियों का दावा है कि 3-डी इमेज के नक्शों में इतनी स्पस्टता होगी कि शहर में वर्तमान निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की स्थिति के साथ बदहाल सड़कों तक की स्थिति दिखाई दे सकेगी। तस्वीर अधिकतम छह महीने पुरानी होगी। साल में दो बार शहर की वर्तमान स्थिति को अपडेट किया जाएगा 

ऐसे होगा 3-डी तकनीक का उपयोग :- केंद्र सरकार की शर्त के मुताबिक अमृत शहरों में शामिल प्रदेश के 33 शहरों में जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें लेयर व सब-क्लास (शहर की अलग-अलग सुविधा या निर्माण की स्थिति को दिखाने वाली ऑनलाइन लिंक) का प्रावधान किया गया है। इसमें शौचालय, अस्पताल, स्कूल व कॉलेज, निगम की पाइपलाइन जैसे अन्य निर्माण को दिखाने की व्यवस्था की गई है।

हैदराबाद के एनआरएससी व मैपआईटी की ली जा रही मदद :- शासन के निर्देश पर टीएंडसीपी द्वारा मास्टर प्लान को लेकर कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसमें जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान, मास्टर प्लान की ऑनलाइन व्यवस्था के साथ मोबाइल सॉफ्टवेयर एप की सुविधा आदि के भी निर्णय लिए गए हैं। इनमें से टीएंडसीपी द्वारा मैपआईटी समेत हैदराबाद के एनआरएससी (नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर) की भी मदद ली जा रही है, ताकि लोगों की पहुंच तक इसे आसान बनाया जा सके।

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