बचत हो या घूमने-फिरने का खर्च, हर वित्तीय जानकारी सरकार की पहुंच में - .

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Saturday, 5 October 2019

बचत हो या घूमने-फिरने का खर्च, हर वित्तीय जानकारी सरकार की पहुंच में

बचत हो या घूमने-फिरने का खर्च, हर वित्तीय जानकारी सरकार की पहुंच में

लोग कह रहे हैं नोटबंदी फेल हो गई है। यह फेल नहीं हुई है, असल में सिलसिला तो अब शुरू हुआ है। सरकार की पहुंच में आपकी हर वित्तीय जानकारी है। हर करदाता, हर व्यक्ति की पूरी जानकारी, चाहे अकाउंट हो या उसके घूमने-फिरने का खर्च, बचत या परिजन का निवेश, सब रिकॉर्ड सरकार के पास है। देश के नए डायरेक्ट टैक्स कोड का प्रारूप बनाने वाली केंद्र सरकार की कमेटी के सदस्य और सीए डॉ. गिरीश आहूजा ने शुक्रवार को यह बात कही। वे आईसीएआई ऑडिटोरियम में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) इंदौर ब्रांच द्वारा प्रत्यक्ष कर पर शुरू हुई दो दिनी नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। एसबीआई में सरकार द्वारा नामित डायरेक्टर आहूजा ने तमाम सीए को हिदायत भी दी कि अब गलती करने या गड़बड़ी को अनदेखा करने की गुंजाइश नहीं है।
कॉन्फ्रेंस में मौजूद 600 सीए को उन्होंने कहा कि उपाय एक ही है जो कानून कह रहा है, सिर्फ वही करें। आईसीएआई प्रत्यक्ष कर समिति के उपाध्यक्ष सीए प्रमोद लुनावत, बोर्ड ऑफ स्टडीज की अध्यक्ष सीए केमिशा सोनी और रीजनल चेयरमैन मुकेश बंसल ने कॉन्फ्रेंस का औपचारिक उद्घाटन किया। 

सीए के यहां भी सर्वे करेंगे अधिकारी :- सीए आहूजा ने वसीयत से लेकर ट्रस्ट पर कर कानून की व्याख्या की। इससे पहले उन्होंने देश के आर्थिक परिदृश्य और बदलते कानून पर सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में 18 लाख नोटिस आयकर जारी कर चुका है। अभी तो लाखों नोटिस और जारी होंगे। कम्प्यूटर आधारित प्रणाली में अब कुछ भी सरकार से छिपा नहीं है। सीए को उन्होंने समझाया कि किसी भी क्लाइंट पर सर्च होती है तो अधिकारी सीए के यहां भी सर्वे करेंगे। किसी भी रिकॉर्ड में आप बदलाव न करें। कम्प्यूटर में सब रिट्रीव हो जाता है। क्लाइंट पर आंख मूंदकर विश्वास करना छोड़ें, नहीं तो बदनामी हमें झेलनी होगी। आहूजा ने कहा कि ऐसे-ऐसे लोग हैं जिन्होंने नोटबंदी में तीन घंटे के भीतर 660 करोड़ के बिल बनाए। लोगों ने उस दौरान 30 से 40 प्रतिशत कमीशन दिया। आहूजा का इशारा उस दौरान हुई सोने की खरीदी पर था। 

पिता की संपत्ति पर बेटी का अधिकार, नाती का नहीं :- उन्होंने वसीयत और हिंदू अविभाजित परिवार को लेकर आय कर कानून पर विस्तार से समझाते हुए कहा कि पिता की संपत्ति में बेटी भी बेटों के समान ही हिस्सेदार है। बेटे के बेटे और उसके बेटे को संपत्ति में अधिकार मिलेगा, लेकिन बेटी के बाद नाती अधिकारी नहीं होगा। दिल्ली से आए एडवोकेट सीए कपिल गोयल ने धारा 148 के अनुपालन की चूक पर बात कही। उन्होंने समझाया कि आयकर अधिनियम में गलत तरीके से टैक्स देयता घटाने पर धारा 270 में धोखाधड़ी की कार्रवाई हो सकती है। कॉन्फ्रेंस में सीए शाखा के चेयरमैन सीए पंकज शाह ने किसानों की आय को लेकर नए कर कानून के उपबंधों को स्पष्ट किया। कॉन्फ्रेंस का संचालन सीए समकित भंडारी, सीए कीर्ति जोशी आदि ने किया।

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