मध्‍यप्रदेश में आदिवासियों के देवस्थान और सामुदायिक भवन बनाने के लिए मांगी जमीन - .

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Friday, 11 October 2019

मध्‍यप्रदेश में आदिवासियों के देवस्थान और सामुदायिक भवन बनाने के लिए मांगी जमीन

मध्‍यप्रदेश में आदिवासियों के देवस्थान और सामुदायिक भवन बनाने के लिए मांगी जमीन

मध्‍यप्रदेश में आदिवासी संस्कृति के देवस्थान और सामाजिक कार्यों के लिए सामुदायिक भवन बड़े पैमाने पर बनाए जाएंगे। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग ने निर्माण कार्य के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
चार से लेकर एक हजार वर्गमीटर तक जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा :- उल्‍लेखनीय है कि इस मामले में आदिम जाति कल्‍याण विभाग की आयुक्त आदिवासी विभाग दीपाली रस्तोगी ने 22 जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर चार से लेकर एक हजार वर्गमीटर तक जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। सरकार ने देवस्थान और सामुदायिक भवन बनाने के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। 

आदिवासी संस्कृति को सहेजने के लिए कमलनाथ सरकार की कवायद :- यहां यह बताना प्रासंगित होगा कि आदिवासी संस्कृति को सहेजने के लिए कमलनाथ सरकार ने मई 2019 में योजना को मंजूरी दी है।  

निर्माण एवं जीर्णोद्धार करके संरक्षण का प्रयास :- इसमें गौंड, कोरकू, मवासी, भील जनजाति के ऐसे पारंपरिक स्थान जो आदिवासी बस्तियों, टोलों, मोहल्लों में हैं, उनका निर्माण एवं जीर्णोद्धार करके संरक्षण किया जाना है। 

संभाग, जिला और विकासखंड स्तर पर सामुदायिक भवन और देवस्थान भवन :- इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए संभाग, जिला और विकासखंड स्तर पर सामुदायिक भवन और देवस्थान भवन बनाए जाएंगे। 

विभाग ने जिलों से जमीन आवंटित करने के लिए कहा :- ज्रानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत्‍ संभाग स्तर पर चार हजार, जिला स्तर पर दो हजार और विकासखंड स्तर पर एक हजार वर्गमीटर जमीन पर भवन बनाए जाएंगे। इसके मद्देनजर आदिम जाति कल्याण विभाग ने जिलों से जमीन आवंटित करने के लिए कहा है। 

इन जिलों में जमीन की जरूरत :- प्‍त जानकारी के अनुसार वर्तमान में जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अनूपपुर, बैतूल, हरदा, खंडवा, झाबुआ, रतलाम और बड़वानी जिले में इसके लिए जमीन की आवश्‍यकता है। इसके लिए कवायद आरंभ कर दी गई है।

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