नवरात्र में सराफा बाजार होगा गुलजार कारोबारियों को है उम्मीद - .

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Tuesday, 1 October 2019

नवरात्र में सराफा बाजार होगा गुलजार कारोबारियों को है उम्मीद

कारोबारियों को है उम्मीद, नवरात्र में सराफा बाजार होगा गुलजार

शहर के सबसे पुराने सराफा बाजार में पूरे चार माह बाद रौनक लौटने जा रही है, नवरात्र के शुरुआत से बाजार में चहल-पहल देखने को मिलेगी। सोना चांदी के बढ़ते भाव से बाजार में आई मंदी अब दूर होने वाली है। सरकार द्वारा उठाए गए अर्थव्यवस्था सुधार के उपाए से अंदाजा लगाया जा रहा है कि नवरात्र से सराफा बाजार खिल उठेगा। सोना-चांदी के व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानों को सजाकर तैयार कर ली है तो वहीं मध्यम वर्ग त्योहारी सीजन में बड़े खर्च की तैयारी में है।
नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं और कहा जाता है कि इसी दिन से सारे शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाती है। सोना-चांदी के बढ़ते भाव को लेकर व्यापारियों का मानना है कि सोना-चांदी रेट का कम होना बढ़ना निरंतर प्रक्रिया में है इसमें लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
सोना-चांदी का निवेश सबसे सुरक्षित :- सोना-चांदी के निवेश को सबसे सुरक्षित माना गया है, किसी भी परेशानी में यही निवेश काम आता है। व्यापारियों का मानना है कि सोना-चांदी भले उछाल मार रहा है परंतु लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। लोगों के दिल-दिमाग में भ्रम फैलाया जा रहा है कि सोना-चांदी के रेट में गिरावट आएगी मगर ऐसा नहीं है। सोना जब 6 हजार से 15 हजार पहुंचा तो भी उस समय कहा गया था कि रेट कम होंगे परंतु सोना आज 40 हजार पहुंच गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोने में कभी गिरावट नहीं आएगी।
व्यापारियों का कहना है :- अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के कारण सोना-चांदी के दामों में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिस तरह से हालात बने उससे कहा जा सकता है कि सोना, चांदी के दामों में कमी नहीं आने वाली है। लोगों को भ्रम में न आकर इसमें निवेश करना चाहिए। सोना-चांदी से सुरक्षित निवेश दूसरा कोई नहीं है, हर एक परेशानी में यही निवेश काम आता है। लोगों को अन्य वस्तुओं के खरीदने में सालों बाद फायदा नहीं होता है परंतु सोना-चांदी सालों बाद उनके रेट बढ़ते है जिसका सीधा लोगों को होता है।
सोने का भाव कभी कम नहीं होगा, अन्य प्रोडक्ट खरीदकर लोग जरूरतें तो पूरी कर लेते हैं पर अपना भविष्य सुरक्षित नहीं कर पाते हैं। सोने से चमक-दमक भी रहती है और भविष्य में कभी कोई परेशानी आती है तो इसके इस्तेमाल कर लोग अपनी समस्याएं दूर कर सकते हैं।
सोने, चांदी के भाव आसमान छूने के बावजूद लोगों की पकड़ दोनों वस्तुओं में मजबूत होती जा रही है। नवरात्र से व्यापार पटरी में दौड़ेगा और दीपावली के बाद शादियों का सीजन शुरू होते ही खरीददारी बढ़ जाएगी। चार माह की मंदी के बाद व्यापार में तेजी आएगी। सोने के भाव बढ़ने से लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए क्योंकि सोना एक ऐसी वस्तु है जो आपको फायदा देती है। उदाहरण के तौर पर कम रेट के समय पर सोना खरीदने वाला व्यक्ति आज उसी सोने को बेचेगा उसे फायदा होगा। मंदी से व्यापार में ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला।
बड़ी कंपनियां भ्रामक प्रचार कर रही है और इसी लालच में आकर लोग परेशान होते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल मचने के बाद सोने की परख बढ़ गई है। कुछ लोग गलत जानकारी देते हैं कि सराफा व्यापारी बटटा काटते हैं जिससे लोगों को नुकसान होता है परंतु ऐसा नहीं है। सोना-चांदी का निवेश हर संकट में काम आता है। इसलिए व्यक्ति को इसमें सबसे ज्यादा निवेश करना चाहिए। सोना का निवेश बढ़ते क्रम में होता है और लोगों का शौक भी पूरा होता है। हॉलमार्क ज्वेलरी में 100 प्रतिशत रिटर्न होता है। 

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