सीसीटीवी कैमरों की जद में होगा पूरा इंदौर शहर, 30 करोड़ रुपए होंगे खर्च - .

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Tuesday, 22 October 2019

सीसीटीवी कैमरों की जद में होगा पूरा इंदौर शहर, 30 करोड़ रुपए होंगे खर्च

सीसीटीवी कैमरों की जद में होगा पूरा इंदौर शहर, 30 करोड़ रुपए होंगे खर्च

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के 50 चौराहों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाने में दो कंपनियों ने रुचि ली है। फिलहाल इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी उनके प्रस्तावों का तकनीकी आकलन कर रही है। इसके बाद योग्य कंपनी को काम सौंपा जाएगा। चौराहों पर आईटीएमएस लगाने में करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। स्मार्ट सिटी कंपनी की सीईओ अदिति गर्ग ने बताया कि आईटीएमएस स्थापित होने के बाद समूचा शहर सीसीटीवी कैमरे की जद में आ जाएगा। इसका कंट्रोल और कमांड सेंटर सिटी बस ऑफिस में होगा।
एडॉप्टिव ट्रैफिक सिग्नल कंट्रोल सिस्टम के जरिए नागरिकों को बताया जा सकेगा कि कहां ट्रैफिक कम है, कहां ज्यादा है, कहां ट्रैफिक जाम है और महत्वपूर्ण स्थानों की दूरी क्या है? यह संदेश और जानकारी देने के लिए कंपनी शहर में 30 जगह वेरिएबल मैसेज साइनेज लगवा रही है। अब तक छह जगह ये स्थापित हो चुके हैं। इससे सड़कों का कंजेशन कम करने में मदद मिलेगी। नए सिस्टम के तहत पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम और इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए जाएंगे ताकि महत्वपूर्ण सूचनाएं नागरिकों तक पहुंचाई जा सके और किसी आकस्मिक स्थिति में लोगों की मदद हो सके। 

दोनों कंपनियों को दिए दो-दो जंक्शन :- स्मार्ट सिटी कंपनी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर डीआर लोधी ने बताया कि आईटीएमएस का काम करने की इच्छुक दोनों कंपनियों से दो-दो चौराहों पर सिस्टम लगवाए गए हैं ताकि समझा जा सके कि वे किस तरह से ये सारी व्यवस्थाएं संभाल सकेंगी। एक कंपनी को हाई कोर्ट तिराहा, हुकमचंद घंटाघर और दूसरी कंपनी को एग्रीकल्चर कॉलेज चौराहा व व्हाइट चर्च रोड का सेंट रैफियल्स चौराहा दिया गया है। ठेका लेने वाली कंपनी को तीन साल तक सिस्टम का मेंटेनेंस भी करना होगा।

आईटीएमएस की ये भी होंगी खूबियां
- चौराहों पर लाल सिग्नल तोड़कर गुजरने वाले पकड़े जा सकेंगे।

- गति सीमा तोड़ने वाले वाहन चालक की हो सकेगी पहचान।
- सीसीटीवी कैमरे से अपराधों में कमी आएगी और अपराधियों, दुर्घटनाओं व अन्य तरह के अपराध रोकने में कामयाबी मिलेगी।

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