15 दिन में आदर्श से उत्कृष्ट बनेगी शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस - .

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Tuesday, 1 October 2019

15 दिन में आदर्श से उत्कृष्ट बनेगी शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस

15 दिन में आदर्श से उत्कृष्ट बनेगी शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस

शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस अगले 15 दिन में पुराने कोचों के साथ उत्कृष्ट ट्रेन बन जाएगी। अच्छे दर्जे की यात्री सुविधाओं को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ट्रेन को आदर्श माना है। इसे आधुनिक सुविधाओं वाले एलएचबी कोच (जर्मन कंपनी लिंक हॉफमैन बुश की मदद से बने कोच) मिलने थे। इन कोचों की बनावट स्क्रू रहित होती है, हादसों के दौरान यात्रियों के सुरक्षित रहने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसे कोचों की जगह ट्रेन में 12 साल चल चुके पुराने कोचों को रंगरोगन कर लगाया जा रहा है। ये कोच 15 अक्टूबर तक लग जाएंगे। इसके बाद ट्रेन को उत्कृष्ट ट्रेन का दर्जा मिल जाएगा।
भोपाल एक्सप्रेस में पहले से बेहतर यात्री सुविधाएं हैं इसके कारण उत्कृष्ट कोच लगने के बाद सुविधाओं में बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। रेलवे उत्कृष्ट कोच लगाकर जिन सुविधाओं के विस्तार का हवाला दे रहा है, उनसे कई गुना अच्छी सुविधाएं एलएचबी कोच में स्थाई रूप से मौजूद होती हैं, जो यात्रियों के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। भोपाल एक्सप्रेस को रेलवे बोर्ड ने सभी मंडलों में अच्छी यात्री सुविधा के लिए एक्सप्रेस व मेल ट्रेनों की श्रेणी में आदर्श माना है।
इस उपलब्धि को देखते हुए रेलवे बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने दो साल पहले ट्रेन को एलएचबी कोच देने की बात कही थी। ताकि यात्रियों को और अधिक सुविधाएं मिल सके। इसके बाद भी रेलवे जबलपुर जोन के अधिकारियों ने आदर्श ट्रेन पर तवज्जों नही दिया और अप्रैल 2019 में आदर्श ट्रेन को छोड़ जबलपुर-अमरावती को एलएचबी कोच दे दिए।
मिलनी थी ये सुविधा :- दुर्घटना होने पर कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते हैं। य इनमें एंटी टेलीस्कोपिक सिस्टम लगा होता है। ये आसानी से पटरी से नहीं उतरते। य कोच के अंदर का साउंड लेवल 60 डेसीबल से कम होता है। ट्रेन के चलने की आवाज यात्रियों तक कम पहुंचती है।
उत्कृष्ट कोच के ये फायदे
-लेबोटरी के अंदर ऑटो जॉनीटर मशीन लगी होंगी, जो शौचालय में बदबू को दूर करेगी।
- ईपॉक्सी प्लोरिंग होंगी। इसके कारण पानी जमा नहीं होगा।
-कोच का कलर नीला से हल्का पीला व लाल हो जाएगा।
-पॉलीग्राफ मेटिंग लगाई जाएगी, जो पैर पोंछने व गंदगी को रोकने का काम करेगी।
-लेबोटरी के अंदर रबड़ मेटिंग लगेगी।
अभी ट्रेन में ये मिल रही सुविधा
-यात्रियों को ग्रीन-टी, लेमन-टी, शूप की सुविधा मिलती है।
- फर्स्ट एसी में मखमली कंबल मिलते हैं। चूनिंदा कोचों में वॉटर वेंडिंग व कॉफी मशीनें हैं।
- डायबिटिक मरीजों के लिए लो-शुगर टी व नि:शुल्क लाइब्रेरी है।
- कोच में फ्लावर पॉट लगाए हैं, शौचालय में हैंड सावर की सुविधा है।
उत्कृष्ट कोच के ये नुकसान :- पुराने कोचों को रिपेयर करके उत्कृष्ट बनाया जा रहा है। यानी ये नए कोच नहीं है। डेढ़ से दो साल में कोच की हालत खराब होने लगेगी। य कोच ज्यादा गंदे दिखेंगे, क्योंकि अभी कोच का कलर हल्का नीला है। इसके कारण धूल व गंदगी कम नजर आती है। उत्कृष्ट बनने के बाद कलर हल्का पीला व लाल हो जाएगा। इस कलर पर धूल व दाग ज्यादा नजर आते हैं।

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