उज्‍जैन में घाट पर जाने से रोक, फव्वारों में स्नान करेंगे श्रद्धालु - .

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Saturday, 28 September 2019

उज्‍जैन में घाट पर जाने से रोक, फव्वारों में स्नान करेंगे श्रद्धालु

Sarvpitri Amavasya 2019 : उज्‍जैन में घाट पर जाने से रोक, फव्वारों में स्नान करेंगे श्रद्धालु

श्राद्ध पक्ष में 20 साल बाद आई सर्वपितृ शनिश्वरी अमावस्या sarvpitra shanichari amavasya पर शनिवार को धर्मधानी में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। हालांकि इस बार श्रद्धालु घाट तक नहीं जा पाएंगे। लगातार हो रही बारिश और शिप्रा के बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने यह रोक लगाई है। स्नान के लिए रामघाट के समीप रामानुजकोट और त्रिवेणी घाट पर ऊपर के हिस्से में फव्वारे लगाए गए हैं। sarvpitra shanichari amavasya पर्व पर एक लाख श्रद्धालुओं के आने के अनुमान है। घाटों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
शनिश्वरी अमावस्या पर इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी संगम पर स्नान की मान्यता है। भक्त संगम स्थल पर स्नान कर शनिदेव के दर्शन करेंगे। मान्यता है इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। जिन राशियों पर शनि की ढैया, साढ़ेसाती, अंतर्दशा, प्रत्यांतर्दशा का प्रभाव है, वे जातक स्नान, शनिदेव के दर्शन व दान-पुण के लिए संगम तट पर उमड़ेंगे। इसके अलावा जो श्रद्धालु श्राद्ध पक्ष में पितरों के निमित्त तीर्थ श्राद्ध नहीं कर पाए हैं, वे अमावस्या पर रामघाट व सिद्धवट क्षेत्र में स्नान के बाद तर्पण, पिंडदान करेंगे। गयाकोठा तीर्थ पर भी sarvpitra shanichari amavasya श्राद्ध करने वालों का तांता लगेगा। प्रशासन ने संपूर्ण क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम किए हैं। शिप्रा में उफान के चलते प्रमुख घाटों से दूर फव्वारे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर तैराक दल की ड्यूटी लगाई गई है।
कपड़े व जूते के रूप में छोड़ेंगे पनौती :- त्रिवेणी संगम पर स्नान करने वाले श्रद्धालु घाट पर कपड़े व जूते-चप्पल के रूप में पनौती छोड़ेंगे। मान्यता है इससे शनि के दुष्प्रभावों में कमी आती है तथा जातक को सुख शांति का अनुभव होता है।
शनि मंदिरों में रहेगी भीड़ :- sarvpitra shanichari amavasya शनिश्चरी अमावस्या पर शहर के शनि मंदिरों में भगवान शनिदेव के दर्शन के लिए भक्त उमड़ेंगे। शनिदेव का तेलाभिषेक कर शनि की वस्तुओं का दान करेंगे।

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