अपने ही मंत्रियों-विधायकों के तेवर से परेशान है कमलनाथ सरकार - .

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Wednesday, 4 September 2019

अपने ही मंत्रियों-विधायकों के तेवर से परेशान है कमलनाथ सरकार

अपने ही मंत्रियों-विधायकों के तेवर से परेशान है कमलनाथ सरकार

देश की कमलनाथ सरकार अपने ही मंत्रियों और विधायकों के आक्रामक रवैए से घिरती नजर आ रही है। कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्री अपने विभागों के अफसरों के असहयोगात्मक रवैए पर एकजुट होते हैं तो कुछ अन्य मंत्री अफसरों द्वारा आदेश नहीं माने जाने पर अपने कार्यकर्ताओं के सामने असहाय दिखाई देते हैं। कभी विधायक, मंत्रियों के रवैए की सीएम कमलनाथ से शिकायत करते हैं। वरिष्ठ मंत्री डॉ. गोविंद सिंह के खुलकर बयान देने के बाद सरकार के कामकाज पर अब सवाल उठने लगे हैं।
आईजी पर अवैध उत्खनन संरक्षण के आरोप :-  कमलनाथ सरकार के मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अपने क्षेत्र के जोनल आईजी डीपी गुप्ता पर अवैध उत्खनन करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके पदस्थ होने के बाद करीब तीन गुना ज्यादा अवैध उत्खनन होने लगा। डॉ. सिंह ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए लोगों से अवैध उत्खनन नहीं रोक पाने के लिए माफी मांगी। सिंधिया ने मंगलवार को डॉ. गोविंद सिंह के अवैध उत्खनन रोके जाने की मांग का समर्थन किया और कहा कि चुनाव में कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था। अवैध उत्खनन भिंड, दतिया या चंबल-ग्वालियर ही नहीं पूरे प्रदेश में रुकना चाहिए
अफसर नहीं सुनते :-  सिंधिया समर्थक मंत्रियों प्रद्युम्नसिंह तोमर, इमरती देवी, गोविंद सिंह राजपूत, डॉ. प्रभुराम चौधरी आदि अपने विभाग के अफसरों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने या उनसे पूछे बिना बदल दिए जाने पर नाराज थे। इनमें से तोमर ने कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर सीएम को शिकायत भी की थी। सिंधिया समर्थकों ने दिल्ली में अपने नेता से शिकायत की थी और अगले दिन फिर रात्रिभोज कर सरकार तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया था। मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने अफसरों के रवैए को लेकर कैबिनेट बैठक में नाराजगी जताते हुए कहा कि अपने कक्ष में वे महापुरुषों की जगह अधिकारियों की तस्वीरें लगाएंगे। विधायक हरदीप सिंह डंग ने भी एक अधिकारी का तबादला नहीं होने पर नाराजगी जताई थी।
आबकारी अधिकारी की पदस्थापना :-  मालवा के एक आबकारी अधिकारी की पदस्थापना को लेकर पार्टी के मंत्री व विधायक अलग-अलग बंट गए थे। मुख्यमंत्री निवास पर एक बैठक में विधायक पांचीलाल मेढ़ा ने आबकारी अधिकारी की पदस्थापना को लेकर दबाव बनाया था तो मंत्री उमंग सिंघार सहित कुछ स्थानीय विधायक आबकारी अधिकारी के खिलाफ खड़े हो गए थे। मंगलवार को उसी आबकारी अधिकारी का कथित ऑडियो वायरल हुआ है।
एक कार्यक्रम में दिखा दर्द :- आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आदिवासी समाज के एक कार्यक्रम में बातों ही बातों में अपना दुखड़ा सुना बैठे थे। विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़ जाति के सर्वे को लेकर विभागों व कलेक्टरों को दिए गए आदेश पर अमल नहीं होने की बात कही थी और आदिवासियों को कहा था कि अब वे अपने विभाग के माध्यम से सर्वे कराएंगे। वहीं, भोपाल में एक हारे प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी के तबादले के बाद एक मंत्री द्वारा उसे निरस्त करा दिए जाने से कई स्तर पर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।

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