13 साल पहले ही दे दी थी परीक्षा, आज तक मार्कशीट के लिए काट रहा विभागों के चक्कर - .

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Saturday, 21 September 2019

13 साल पहले ही दे दी थी परीक्षा, आज तक मार्कशीट के लिए काट रहा विभागों के चक्कर

13 साल पहले ही दे दी थी परीक्षा, आज तक मार्कशीट के लिए काट रहा विभागों के चक्कर

शिक्षा विभाग के ढुलमुल रवैये और अधिकारियों की लापरवाही ने एक छात्र का जीवन अंधकार में डाल दिया है। छात्र 13 साल से मार्कशीट पाने और अपने पिता का नाम संशोधन कराने के लिए जबलपुर से लेकर भोपाल तक के दफ्तरों में भटक चुका है, परंतु उसे न मार्कशीट मिली और न ही पिता के नाम में सुधार हो पाया। राज्य ओपन बोर्ड 5 साल पहले का प्रकरण होने का हवाला देकर छात्र की मदद करने से हाथ खींच रहा है। छात्र ने अब इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई है।
पं.भवानी प्रसाद वार्ड नया मोहल्ला निवासी मोहम्मद आरिफ जमाल ने बताया कि उसने साल 2007 में राज्य ओपन बोर्ड के तहत 10वीं के 2 विषयों का एग्जाम कुंडम में बनाए गए परीक्षा केन्द्र में दिया था। इसमें वह पास भी हो गया, लेकिन उसे मार्कशीट नहीं दी गई। मार्कशीट के लिए वह 2007 से जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और भोपाल के राज्य ओपन बोर्ड दफ्तर के चक्कर काट रहा है, परंतु प्रकरण पुराना कहकर अधिकारी उसे कार्यालयों से भगा देते हैं।
मार्कशीट में पिता का नाम भी गलत दर्ज :- छात्र मोहम्मद आरिफ जमाल ने बताया कि उसने ऑनलाइन मार्कशीट तो निकाल ली है परंतु उसमें ढेरों गलतियां हैं। उसके पिता का नाम मोहम्मद फारुक है, परंतु मार्कशीट में उनका मोहम्मद अब्दुल कादिर लिखा है। इसके अलावा जिन विषयों की परीक्षा देकर वह पास हुआ था उन विषय के अंक भी मार्कशीट में दर्ज नहीं हैं।
अन्य परीक्षाओं से वंचित :- छात्र मोहम्मद आरिफ जमाल का कहना है कि मार्कशीट नहीं मिलने से उसका भविष्य बर्बाद हो रहा है। वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है, लेकिन मार्कशीट नहीं होने से डिग्री हासिल नहीं कर पाया है। छात्र प्रतियोगी परीक्षाएं देना चाहता है किंतु मार्कशीट के कारण वह परीक्षा नहीं दे पा रहा है।
ये है पूरा मामला :- छात्र मोहम्मद आरिफ जमाल ने साल 2006 में माध्यमिक शिक्षा मंडल के तहत 10वीं की परीक्षा दी थी। इसमें गणित, हिन्दी, अंग्रेजी में छात्र फेल हो गया। इसके बाद 2007 में उसने राज्य ओपन बोर्ड से फेल विषयों की परीक्षा दी और पास हो गया परंतु ओपन बोर्ड ने अंग्रेजी-विज्ञान विषय के अंक जोड़े ही नहीं और न ही उसे मार्कशीट दी।

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