मध्यप्रदेश में बारिश से 10 हजार करोड़ की बर्बादी - .

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Tuesday, 17 September 2019

मध्यप्रदेश में बारिश से 10 हजार करोड़ की बर्बादी

Madhya Pradesh Weather Update : मध्यप्रदेश में बारिश से 10 हजार करोड़ की बर्बादी

भारी बारिश से मध्यप्रदेश में अब तक करीब 10 हजार करोड़ रुपए की बर्बादी सामने आई है। इसमें आठ हजार करोड़ रुपए का नुकसान फसलों, जबकि करीब दो हजार करोड़ का नुकसान सड़क, बांध, आवास, स्कूल और अन्य भवनों को हुआ है। राज्य शासन ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान का यह प्रारंभिक आकलन किया है। सर्वे जारी है और नुकसान में इजाफा होने के आसार हैं। राज्य द्वारा अब तक के नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट मंगलवार को केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने राज्य के अलगअलग हिस्सों में बारिश और बाढ़ के हालात के साथ ही नुकसान का प्रारंभिक आकलन पेश किया।
अगले दौरे में देंगे नुकसान की जानकारी :- सोमवार को इंदौर में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया कि बाढ़ और भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए 19 और 20 सितंबर को केंद्र सरकार का दल मध्यप्रदेश आएगा। दल को बाढ़ के हालात का प्रारंभिक आकलन भी सौंपा जाएगा। करीब 10 दिन बाद दल फिर आएगा। तब तक फसलों के अलावा अन्य नुकसान का आकलन तैयार हो जाएगा। इसमें 10 विभागों से जुड़ा नुकसान शामिल रहेगा, जिसमें सड़क, सिंचाई व्यवस्था, पशु, आवास, स्कूल भवन आदि का नुकसान शामिल रहेगा।
15 हजार से अधिक मकान गिरे, पांच लोग और 400 मवेशी मृत :- मालवा-निमाड़ अंचल में बारिश थमने के बाद तबाही का मंजर नजर आने लगा है। मंदसौर जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से 150 से अधिक गांवों में नुकसान हुआ है। 53 राहत कैंपों में 13 हजार से अधिक लोगों को रखा है। नीमच के रामपुरा में गांधीसागर का बैक वाटर पूरी तरह नहीं निकल सका है। उज्जैन और धार में भी नुकसानी का आकलन शुरू हो गया है। मंदसौर शहर में करीब 800 दुकानों का सामान खराब हुआ है। 15 हजार से अधिक घर ढह गए हैं। पांच लोगों की मौत हो गई और 400 मवेशी भी मारे गए।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को जिले के बाढ़ प्रभावित धुंधड़का पहुंचे। वहां से अफजलपुर, पाडलिया मारु, मल्हारगढ़, झारड़ा, नारायणगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों को अपना मोबाइल नंबर 8423084230 देकर वे बोले जिनके मकान टूटे, नुकसान हुआ मुझे वाट्सएप करें।
मंदसौर : शिवना की बाढ़ में अन्य सामान के साथ बच्चों के स्कूल बैग भी नहीं बच सके। सोमवार को धूप खिली तो रामगढ़ का मासूम बलराम यादौन दौड़ कर अपनी और भाई बहनों की किताबें सुखाने बैठ गया...भविष्य जो संवारना है।
रतलाम : रतलाम जिले में 1.47 हजार किसानों की 1.32 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसल बारिश की भेंट चढ़ गई है।
उज्जैन : उज्जैन में सोयाबीन की फसल को 45 से 50 फीसदी तक नुकसान पहुंचने की आशंका है।
धार : करीब 1227 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल खराब हुई है।
दस फीट पानी बढ़ा तो भी गांधी सागर बांध को खतरा नहीं :- मंदसौर जिले के गांधी सागर बांध के ओवरफ्लो के कारण मंदसौर और नीमच जिले के कई गांवों में बाढ़ के कारण मची तबाही पर मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने कहा कि अब वहां हालात नियंत्रण में हैं। बीच में किसी ने अफवाह फैलाई थी कि बांध में दरारें आ गईं। इस तरह के खतरनाक किस्म के झूठ फैलाने से आम जनता में डर का वातावरण बनता है और व्यवस्था बिगड़ती है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। मोहंती ने दावा किया कि गांधी सागर कांक्रीट ग्रेविटी बेस डैम है। बांध में पानी कम हो रहा है और अभी 1315 फीट पर स्तर आ चुका है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें 10 फीट पानी और बढ़े तो भी खतरा नहीं है। डेढ़ दिन में खतरा भी कम होता जाएगा। हमारे सामने बांध्ा को बचाने की भी चुनौती थी।

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