गोल्ड ईटीएफ बने निवेशकों का सहारा - .

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Sunday, 18 August 2019

गोल्ड ईटीएफ बने निवेशकों का सहारा

गोल्ड ईटीएफ बने निवेशकों का सहारा

वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती और व्यापार को लेकर बढ़ते तनाव के बीच निवेशक सोने पर आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्‌स यानी गोल्ड ईटीएफ में सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने दुनियाभर में 2.6 अरब डॉलर (करीब 18,200 करोड़ रुपये) का निवेश किया। मार्च, 2013 के बाद किसी एक महीने में गोल्ड ईटीएफ में किया गया यह सबसे बड़ा निवेश है।
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्‌स एक साधारण निवेश उत्पाद है जो शेयर बाजार और गोल्ड में साधारण निवेश का एक साथ विकल्प देता है। प्राकृतिक संसाधनों में निवेश करने वाली कंपनी गोरिग एंडरोजेनवॉग की एक रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड ईटीएफ में खरीदारी अभी लंबे समय तक चलेगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह खरीदारी पश्चिमी निवेशकों द्वारा भविष्य में भी की जाएगी। हम जल्द ही विभिन्न ईटीएफ के द्वारा सोने और चांदी का बड़े पैमाने पर संचय देखेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईटीएफ की गोल्ड होल्डिंग अब 2012 के पुराने शीर्ष स्तर पर पहुंच रही है। गोल्ड ईटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला भारत में भी देखने को मिल रहा है। पहली अप्रैल के बाद ईटीएफ की कीमतें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर बढ़ी हैं, जो कि निफ्टी-50 इंडेक्स के विपरीत है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रमुख केंद्रीय बैंक सोने के विक्रेता के बजाय महत्वपूर्ण खरीदार बन रहे हैं। सोने के उत्पादक अपने उत्पाद बेच नहीं रहे हैं। पिछले आठ सालों में सोने की वास्तविक खरीद गोल्ड ईटीएफ से की गई है और यह इसका एक बड़ा स्रोत बनकर उभरा है।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2004 में ईटीएफ की शुरुआत के बाद से ये अब सोने के बाजार के महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गए हैं। वर्ष 2012 के अंत से पहले लगातार आठ वर्षों में ईटीएफ ने 2,600टन सोने की खरीद की। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2008 के वित्तीय संकट के बाद गोल्ड ईटीएफ में निवेशक कंपनियों और हेज फंड्‌स ने निवेश किया। माना जाता है कि पिछली सदी के आठवें दशक में सोने की खरीद काफी जटिल थी। गोल्ड फ्यूचर, सोने के सिक्के या बॉर और गोल्ड इक्विटी में खरीदारी करनी पड़ती थी। गोल्ड ईटीएफ ने सोने की खरीद बेहद आसान कर दी है।

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