इस कांग्रेस नेता ने बोला- सिंधिया को बनाएं प्रदेश अध्यक्ष, वर्ना 500 समर्थकों के साथ दे दूंगा इस्तीफा - .

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Friday, 30 August 2019

इस कांग्रेस नेता ने बोला- सिंधिया को बनाएं प्रदेश अध्यक्ष, वर्ना 500 समर्थकों के साथ दे दूंगा इस्तीफा

इस कांग्रेस नेता ने बोला- सिंधिया को बनाएं प्रदेश अध्यक्ष, वर्ना 500 समर्थकों के साथ दे दूंगा इस्तीफा

15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता में वापसी करने वाली कांंग्रेस का आतंरिक कलह खुलकर सामने आने लगा है। अब कार्यकर्ता खुलेआम पार्टी छोड़ने की बात कह रहे हैं। ताजा मामला ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ा है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में सिंधिया का अहम रोल रहा है। लेकिन सरकार बनने के बाद से ही उन्हें प्रदेश की राजनीति से दूर कर दिया गया है। इसे लेकर अब समर्थक खुलकर पार्टी की खिलाफत कर रहे हैं।
दतिया की जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक दांगी ने एक चिट्ठी जारी कर पार्टी को साफ कर दिया गया है कि,"अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की राजनीति से अब और दूर रखा गया तो वो अपने 500 समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे देगें।" 

अपनी चिठ्ठी में कांग्रेस नेता दांगी ने लिखा कि, "मध्य प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस की वापसी में ज्योतिरादित्य सिंधिया का अहम रोल रहा। उनके बूते ही पार्टी ने चंबल-ग्वालियर रीजन में अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन सरकार बनने के बाद से ही प्रदेश से उन्हें दूर रखा जा रहा है।" प्रदेश के कुछ कांग्रेस नेताओं को सिंधिया की नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता हजम नहीं हो रही है। इसलिए उन्होंने षडयंत्र करके सिंधिया को प्रदेश की सियासत से दूर किया हुआ है। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया तो वो अपने कार्यकर्ताओं के साथ दस जनपथ के बाहर प्रदर्शन करेंगे और अगर ये मांग पूरी नहीं हुई तो सामूहिक रूप से अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा सौंप देंगे।

बता दें कि लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 29 में से 28 सीटें भाजपा ने जीती थी। इसके बाद से ही पीसीसी चीफ बदलने की मांग उठने लगी थी। खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने दिल्ली जाकर इस्तीफे की पेशकश की थी। लेकिन अब तक नए अध्यक्ष का नाम तय नहीं हो पाया है। एक तरफ कमलनाथ अपने करीबी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सिंधिया समर्थक मंत्री उनके नाम पर लामंबदी कर रहे हैं। इस रस्साकशी में अब दिग्विजय सिंह का गुट भी सक्रिय हो गया है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय नहीं हो पा रहा है।

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