RBI सरकार को 3-5 साल में ट्रांसफर करेगा सरप्लस कैश, रिपोर्ट तैयार - .

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Thursday, 18 July 2019

RBI सरकार को 3-5 साल में ट्रांसफर करेगा सरप्लस कैश, रिपोर्ट तैयार

RBI सरकार को 3-5 साल में ट्रांसफर करेगा सरप्लस कैश, रिपोर्ट तैयार

रिजर्व बैंक की आर्थिक पूंजी ढांचा (ईसीएफ) समिति की बैठक खत्म हो गई है। इसमें सुझाव दिया गया है कि आरबीआई को सरप्लस कैश का कुछ हिस्सा चरणबद्घ तरीके से अगले 3-5 साल में सरकार को ट्रांसफर कर देना चाहिए। ईसीएफ पैनल को विमल जालान समिति के नाम से भी जाना जाता है। इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है, जिसे अगले 10-15 दिन में सौंप दिया जाएगा।
इसके बाद पता चलेगा कि समिति ने कितना फंड ट्रांसफर करने की सिफारिश की है। भारतीय रिजर्व बैंक के पास 9.6 लाख करोड़ रुपए का इमरजेंसी फंड है।  जालान की अध्यक्षता वाली छह सदस्यों वाली इस समिति का गठन खासतौर पर यह तय करने के लिए किया गया था कि रिजर्व बैंक को कितना पैसा सरकार को देना चाहिए। इस समिति का गठन 26 दिसंबर 2018 को किया गया था।
सरकार के साथ मतभेद :- फंड को लेकर रिजर्व बैंक और सरकार के बीच मतभेद बढ़ गया था। वित्त मंत्रालय चाहता है कि केंद्रीय बैंक बेहतर वैश्विक गतिविधियों का पालन करे और सरकार को सरप्लस ट्रांसफर करे। उसी के बाद रिजर्व बैंक ने इस पर विचार के लिए समिति गठित की। इसी मतभेद के बाद उर्जित पटेल ने रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद शक्तिकांत दास नए गवर्नर नियुक्त किए गए। 

आठ जनवरी को ही देनी थी रिपोर्ट :- समिति को पहली बैठक के बाद 90 दिन के भीतर रिपोर्ट देनी थी। पहली बैठक आठ जनवरी को हुई। इसके बाद समिति को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया। इसकी डेडलाइन टाल दी गई। समिति के सदस्यों में अध्यक्ष विमल जालान के अलावा रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन, वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन और आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल के सदस्य भरत दोषी व सुधीर माकंड़ शामिल हैं।

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