Google Pay, PhonePe जैसे UPI apps से करते हैं भुगतान तो रहें सावधान, जरुर बरतें ये सावधानियां - .

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Tuesday, 2 July 2019

Google Pay, PhonePe जैसे UPI apps से करते हैं भुगतान तो रहें सावधान, जरुर बरतें ये सावधानियां

Google Pay, PhonePe जैसे UPI apps से करते हैं भुगतान तो रहें सावधान, जरुर बरतें ये सावधानियां

पिछले कुछ वक्त में देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन का चलन काफी बढ़ गया है। यही वजह है कि अब Google Pe और PhonePe जैसे यूपीआई एप्स के जरिये पैसे का लेन देन करना आम बात हो गई है, लेकिन इस माध्यम के जरिये पैसे का लेन देन करने के दौरान बरती गई असावधानी कभी भी आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। दिन पर दिन जैसे जैसे डिजिटल ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ने लगा है, वैसे ही सायबर फ्रॉड करने वाले अपराधियों की भी सक्रियता बढ़ गई है, ऐसे में एक छोटी सी चूक भी आपको बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।
बेंगलुरू की रहने वाली 28 साल की माया वेंकट पेशे से योगा ट्रेनर हैं, वे भी पिछले दिनों साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बाल बाल बची हैं। उन्होंने अपना फर्नीचर OLX पर बेचने की कोशिश की थी। वहां पर विज्ञापन देखकर उनके पास इसे खरीदने के लिए एक कॉल आया। 21 मई 2019 को खरीदार ने 28 हजार में फर्नीचर खरीदने की हामी भरी, साथ ही आधा पेमेंट UPI aap के जरिये करने का कहा। माया ने उसकी बात मान ली और PhonePe एप के जरिये पैसे ट्रांसफर करने का कहा। कुछ देर बाद माया के पास खरीदार का फोन आया और उसने उन्हें बातों में उलझाने की कोशिश की।  

बातचीत के बीच में व्यक्ति ने कहा कि उसने UPI एप्लीकेशन पर 14 हजार के एडवांस पेमेंट के लिए रिक्वेस्ट भेज दी है, उसने माया से रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करने का कहा। माया ने फोन कॉल को होल्ड पर रखा और मैसेज को चेक किया। वह UPI app पर उस व्यक्ति का पॉप अप मैसेज देखकर चौंक गई, और समझ गई की यह रिक्वेस्ट उसके अकांउट से सामने वाले व्यक्ति के अकाउंट में पैसा भेजने के लिए है। अगर माया उस रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लेती तो उसे 14 हजार का नुकसान उठाना पड़ता।
एक साल में कई गुना बड़ा डिजिटल ट्रांजेक्शन :- नेशनल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अनुसार मार्च 2019 में UPI से होने वाला ट्रांजेक्शन 79.95 करोड़ तक पहुंच गया है, जो मार्च 2018 में 17.80 करोड़ था और दिसंबर 2018 में 62.01 करोड़ था। इसके साथ ही यूपीआई ट्रांजेक्शन की टोटल वेल्यू में ग्रोथ मार्च 2018 में 24,172 करोड़ से बढ़कर मार्च 2019 में 1.33 लाख करोड़ हो गई है।
सायबर अपराधियों द्वारा बातों में उलझाया जाता है :- आमतौर पर सायबर फ्रॉड करने के दौरान अपराधियों द्वारा पहले बातों में उलझाया जाता है, उसके बाद यूपीआई एप पर रिक्वेस्ट भेजी जाती है। बातचीत होने के चलते कई बार रिक्वेस्ट पढ़ने में गड़बड़ हो जाती है और हम सायबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं।
UPI की ट्रांसफर रिक्वेस्ट को लेकर अलर्ट रहें :- धोखेबाज यूपीआई एप के ऑप्शन 'request money' का लाभ उठा लेते हैं। आमतौर पर वे किसी उत्पाद को खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हुए उत्पाद बेचने वाले को बातों में उलझाते हैं। वे यूजर्स से 'request money' ऑप्शन का उपयोग कर पैसा भेजने की बात कहते हैं। पिछले कुछ महीनों में इस तरह की कई धोखाधड़ी सामने आ चुकी हैं। Google Pay में प्रोडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर अंबरीश का कहना है कि 'यूजर को ट्रांजेक्शन के दौरान चतुराई बरतना जरुरी है। उन्होंने कहा कि पैसा रिसीव करने के लिए PIN जरुरत नहीं पड़ती है। आपको अगर किसी ऐसे व्यक्ति से पेमेंट रिक्वेस्ट मिलती है जिसे आप नहीं जानते हैं तो तत्काल ऐसी रिक्वेस्ट को डिक्लाइन कर देना चाहिए।'

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