मध्‍यप्रदेश में इसलिए हो रही दूध में मिलावटखोरी - .

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Saturday, 27 July 2019

मध्‍यप्रदेश में इसलिए हो रही दूध में मिलावटखोरी

मध्‍यप्रदेश में इसलिए हो रही दूध में मिलावटखोरी

दिल्ली भिंड-मुरैना का मिलावटी दूध रिजेक्ट कर रही है। मिलावट खोर इस दूध को पनीर, मक्खन और दही के रूप में ग्वालियर, मथुरा और मप्र के कुछ हिस्सों में दोबारा खपाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में मिलावटी व सिंथेटिक दूध पकड़ाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आम जनता और सरकार को इन मिलावट खोरों से सावधान रहना चाहिए। यह बात नेशनल कार्प्रेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनसीडीएफआई) दिल्ली के पूर्व चेयरमैन रहे सुभाष मांडगे ने नवदुनिया से कही है। वे साल 2011 से 2017 तक चेयरमैन रहे हैं। वे दूध के उत्पादन और गुणवत्ता को लेकर पूर्व में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) को कई सुझाव दे चुके हैं। मप्र दुग्ध महासंघ का चेयरमैन रहते मांडगे ने दुग्ध संघों में एनडीडीबी की मदद से प्लांट लगवाने व समितियों का विकेंद्रीकरण कराने में भी बड़ा योगदान दिया है।

फेडरेशन के चेयरमैन रहते दुध उत्पादन, मिलावट, गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्टों का अध्ययन करने वाले मांडगे बताते हैं कि उत्तरप्रदेश के कोशीकला, मथुरा से लेकर मप्र के भिंड-मुरैना तक मिलावटी दूध का कारोबार फैला हुआ है। इन क्षेत्रों से रोजाना 35 लाख लीटर दूध दिल्ली भेजा जाता है। इससे पनीर, दही और मक्खन बनाते हैं। बीते चार सालों से दिल्ली में यह दूध ट्रेस आउट होने लगा है, क्योंकि राजस्थान, चंढीगढ़, हरियाणा और पंजाब से दिल्ली में अच्छी गुणवत्ता के दूध की आवक लगातार बढ़ रही है। इसके कारण इस दूध को रिजेक्ट किया जाने लगा है। ये मिलावट खोर अब यूपी और मप्र के दोबारा सक्रिय हो रहे हैं।

मिलावट का डर इतना कि मप्र से खुला दूध नहीं खरीद रही मदर व अमूल डेयरी :- हरियाणा, चंढीगढ़, राजस्थान से मदर और अमूल डेहरियां दूध खरीदती है लेकिन मिलावट के डर से मप्र से खुला दूध नहीं खरीद रही हैं। बताया जा रहा है कि मिल्क सेक्टर में इस बात की अच्छे से जानकारी है कि मप्र के भिंड-मुरैना से मिलावटी दूध व उससे बने उत्पाद बेचे जा रहे हैं। मांडगे बताते है कि जैसे-जैसे दिल्ली में सख्ती बढ़ी है अब मिलावट खोरों का जोर दूसरे क्षेत्रों की तरफ बढ़ा है। 

भिंड-मुरैना में चल रही यूपी के माफियाओं की डेयरियां :- मांडगे ने गोपनीय रिपोर्टों और जानकारियों का हवाला देते हुए बताया कि अभी भी भिंड-मुरैना में यूपी के माफियाओं की डेहरियां चल रही हैं। इन जिलों में कई समितियां चल रही हैं जहां अच्छी गुणवत्ता का दूध खरीदा जाता है। इसमें सिंथेटिक दूध मिलाते हैं और फिर दिल्ली में सप्लाई किया जाता है। जैसे-जैसे यह दूध दिल्ली में रिजेक्ट हो रहा है इन माफियाओं का जोर मप्र, उत्तरप्रदेश में बढ़ रहा है। इनके पास दूध स्टॉक करने, उसे शीत केंद्रों में रखने, दिल्ली तक सप्लाई करने से जुड़े संसाधन हैं। पूरा गिरोह काम कर रहा है।

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