छत्‍तीसगढ़ में करोड़ों का पोषण फिर भी पांच लाख बच्चों में कुपोषण - .

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Friday, 26 July 2019

छत्‍तीसगढ़ में करोड़ों का पोषण फिर भी पांच लाख बच्चों में कुपोषण

छत्‍तीसगढ़ में करोड़ों का पोषण फिर भी पांच लाख बच्चों में कुपोषण

छत्तीसगढ़ के पांच लाख नौनिहाल कुपोषण का शिकार हैं। यह स्थिति तब है, जबकि राज्य सरकार ने बच्चों को सुपोषित करने के लिए एक वर्ष में करीब 454 करोड़ स्र्पये से अधिक खर्च किया है। बिलासपुर में कुपोषण का आंकड़ा सर्वाधिक है। वहां 35 हजार से अधिक बच्चे कुपोषित मिले हैं। इनमें 102 विशेष संरक्षित जनजाति (पहाड़ी कोरवा) बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि जनसंख्या की तुलना में कुपोषित बच्चों का औसत राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में अधिक है।
राज्य में फरवरी 2019 में हुए वजन त्योहार से यह आंकड़ा निकलकर आया है। सरकार ने कुपोषण की जांच के लिए वजन त्योहार का आयोजन करती है। वर्ष 2018-19 में फरवरी 2019 में आयोजित वजन त्योहार के दौरान राज्य में कुल चार लाख 92 हजार 176 बच्चे कुपोषित मिले हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान सरकार ने कुपोषण मुक्ति के लिए चलाई जा रही विभिन्न् योजनाओं पर 454 करोड़ स्र्पये खर्च किया है। इसमें अकेले पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के तहत 40 करोड़ स्र्पये से अधिक की राशि खर्च की गई है।

कुपोषण में दूसरे नंबर पर पूर्व सीएम का निर्वाचन जिला :- वजन त्योहार के आधार पर तैयार कुपोषण की रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर के बाद सर्वाधिक 32 हजार कुपोषित बच्चे पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने निर्वाचन जिले राजनांदगांव में है। तीसरे नंबर बलौदाबाजार 29737, चौथे नंबर पर रायगढ़ 24759 और रायपुर में 28683 कुपोषित बच्चे मिले हैं। 

आबादी के अनुमान में वनांचलों की स्थिति खराब :- आंकड़ों के लिहाज से भले ही मैदानी जिलों में कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है, लेकिन आबादी के लिहाज से आदिवासी क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब हैं। सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चों की संख्या वाले बिलासपुर में 2011 की जनगणना के हिसाब से कुपोषण का औसत 1.79 है, जबकि सातवें स्थान पर स्थित आदिवासी जिला बस्तर में यह आंकड़ा 2.91 का आता है।

राज्य में 38 और आदिवासी क्षेत्र में 44 फीसद कुपोषण :- छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर 38 फीसद है, जबकि आदिवासी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 44 फीसद है। महिला बाल विकास विभाग के अफसरों के अनुसार इसी एक बड़ी वजह यह है कि वनांचलन के बड़े हिस्से में आज भी सरकार की योजनाएं पहुंच नहीं पा रही हैं।यह भी पढ़ें

बिलासपुर 115417 6983960 1.65, रायपुर 104359 5896407 1.76,बस्तर 98630 3090828 3.19
सरगुजा 92699 3870472 2.39, दुर्ग 81071 5703531 1.42
सुपोषण चौपाल 99304276,महतारी जनत योजना 21997477 मुख्यमंत्री अमृत योजना 143809718
सीएम बाल संदर्भ योजना 26970816 पूरक पोषण आहार कार्यक्रम 4050517351 
बिलासपुर 35210, राजनांदगांव 32756, बलौदाबाजार 29737,रायगढ़ 24759,रायपुर 28683
जांजगीर-चांपा 24396, बस्तर 24347, बलरामपुर 22535, महासमुंद 21936, कोरबा 21099
सूरजपुर 19698, कोंडागांव 19572, जशपुर 18942, सरगुजा 18340,, दुर्ग 15415, कवर्धा 14486
कांकेर 14432, गरियाबंद 14215, बेमेतरा 13680, कोरिया 13184, बालोद 12075, बीजापुर 10732
सुकमा 9967, मुंगेली 9953, धमतरी 9788, दंतेवाड़ा 8074, नारायणपुर 4165

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