दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना में - .

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Saturday, 20 July 2019

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना में

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना में

मध्य प्रदेश में सौभाग्य योजना में एक के बाद एक नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। चोरी के ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना में उपयोग करने के बाद अब एक और फर्जीवाड़े का राजफाश हुआ है। इस बार दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना में लगाने का कारनामा सामने आया है। घर-घर बिजली पहुंचाने की केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना में आदिवासी जिले मंडला-डिंडौरी में 50 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला सामने आया है। राज्य सरकार इस मामले की जांच भी करवा रही है। सौभाग्य योजना में गड़बड़ियों की कलई बारिश के साथ ही खुलना शुरू हो गई है। डिंडौरी जिले में पहली बारिश के दौरान ही कई खंभे और ट्रांसफार्मर गिर गए। इसमें पता चला कि बिजली कंपनी के अफसरों ने जो काम ठेकेदारों से करवाया था, वह घटिया था। खंभों के गड्ढे कम गहराई के थे, उनमें कांक्रीट तक नहीं भरा गया था। इससे पहली बारिश होते ही लाइन जमीन पर आ गई। 

ऐसे की गड़बड़ी : केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में विद्युतीकरण और बिजली वितरण की बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए 2015 में दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के लिए ट्रांसफार्मर, फीडर, वितरण केंद्र सहित सभी काम कराए गए थे। इस योजना के बाद केंद्र सरकार ने 2017 में सौभाग्य योजना की शुरुआत की। सौभाग्य योजना का लक्ष्य 2019 तक हर घर तक बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत भी सरकार ने ट्रांसफार्मर, मीटर और तारों के लिए सबसिडी प्रदान की है। बस इसी का फायदा बिजली कंपनी के अफसरों और ठेकेदारों ने उठाया।
मिलीभगत से गांव-गांव में जो ट्रांसफार्मर दीनदयाल योजना में लगाए गए थे, उन्हें निकालकर सौभाग्य योजना में लगा दिए गए। इस तरह के मामले मंडला-डिंडौरी के अलावा सीधी और सिंगरौली में भी सामने आए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि चोरी के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की बात तो प्रकाश में आई थी, लेकिन दीनदयाल योजना के ट्रांसफार्मर को सौभाग्य योजना में लगाने की शिकायत नहीं मिली है। ऐसी शिकायत मिली तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।

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