पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्रनाथ के बयान पर मध्‍यप्रदेश विधानसभा में हंगामा - .

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Friday, 19 July 2019

पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्रनाथ के बयान पर मध्‍यप्रदेश विधानसभा में हंगामा

पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्रनाथ के बयान पर मध्‍यप्रदेश विधानसभा में हंगामा

गुमठी वालों के पक्ष में प्रदर्शन करते वक्त भोपाल मध्य के पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने सारी हद लांघते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ का खून सड़कों पर बहाने का जो बयान दिया वो भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन गया। विधानसभा में सत्तापक्ष कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। पूरे विधायक गर्भगृह में आ गए और आसंदी के सामने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को मारने की भाजपा साजिश रच रही है। पूर्व विधायक खून-खराबे की बातें कर रहे हैं। पार्टी को सदन में माफी मांगनी चाहिए। 

वहीं, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य भाजपा विधायकों ने कहा कि हम इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हंगामे के कारण दो बार प्रश्नकाल में सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान मुख्यमंत्री भी सदन में मौजूद थे। संभवत: सदन में यह पहला मौका है जब सत्तापक्ष के विधायकों ने गर्भगृह में आकर नारेबाजी की हो। प्रश्नकाल शुरू होते ही मंत्रियों सहित सत्तापक्ष के सभी विधायक एक साथ खड़े हो गए और पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह के बयान को लेकर विरोध जताने लगे। 

मंत्रियों ने कहा कि इस घटना से भाजपा का असली चरित्र सामने आ गया है। महात्मा गांधी के देश में गोडसे की विचारधारा नहीं चलेगी। भाजपा नेता खून-खराबे की बातें कर रहे हैं। वे धमकी दे रहे हैं कि सड़कों पर जो खून बहेगा वो मुख्यमंत्री कमलनाथ का होगा। ये अराजकता है और भय का माहौल बनाकर प्रदेश की फिजा करने की कोशिश हो रही है। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि ऐसी बयानबाजी करने वाले को गिरफ्तार किया जाना था। इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हम चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। वहीं, पूर्व संसदीय कार्यमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब सत्तापक्ष हल्ला करेगा और गर्भगृह में आएगा तो फिर विपक्ष क्या करेगा। 

सत्तापक्ष की ओर से कार्रवाई की बात उठाने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि जो भी करना है वो सरकार को करना है। वहीं, सत्तापक्ष ने इस मुद्दे पर आसंदी से निर्देश और विपक्ष से माफी की मांग की। कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद कुणाल चौधरी सहित अन्य विधायकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में गोडसे की विचारधारा को लागू नहीं होने देंगे। 
हमारी पार्टी ऐसे विचारों से सहमत नहीं, निर्णय संगठन करेगा :- नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि जो भी बात सामने आई है वो सदन में नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय दल की बैठक में दृढ़ता के साथ सांसद और विधायकों के लिए कहा कि सभी को श्रेष्ठ संसदीय जीवन निवर्हन करना है। मध्यप्रदेश में जो घटनाएं घटी, उन पर भी जो प्रधानमंत्री का मत रहा वो सबके सामने है। हमारी पार्टी ऐसे विचार या भाषण से सहमत नहीं है और पार्टी कार्रवाई को लेकर निर्णय करेगी। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि सार्वजनिक रूप से किसी भी दल के वरिष्ठ नेता के लिए इस तरह की टिप्पणी नहीं होना चाहिए। दल या व्यक्ति को बुरा लगे और ऐसी बातें सामने आएंगी तो दल उद्वेलित होगा। यदि ऐसी बात सामने आती है तो फिर सदन को विचार करना होगा।
मंत्रियों ने लगवाए नारे, कैबिनेट में बनी रणनीति :- सूत्रों के मुताबिक पूर्व विधायक के बयान को लेकर भाजपा को सदन में घेरने की रणनीति शुक्रवार सुबह विधानसभा कैबिनेट कक्ष में आयोजित बैठक में बनी। गुरुवार देर रात मंत्रियों को सुबह बैठक होने की सूचना दी गई थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के साथ मंत्री सदन में आए और विधायकों को रणनीति बताई। जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई विधायकों ने एक साथ खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया और सभी गर्भग्रह में आकर नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने गर्भग्रह में न आने और नारेबाजी न करते हुए अपनी बात रखने के लिए कहा पर सदस्यों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया।

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