बड़ा खास है ये हनुमान मंदिर, 12 साल से भक्त 24 घंटे कर रहे रामायण पाठ - .

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Monday, 8 July 2019

बड़ा खास है ये हनुमान मंदिर, 12 साल से भक्त 24 घंटे कर रहे रामायण पाठ

बड़ा खास है ये हनुमान मंदिर, 12 साल से भक्त 24 घंटे कर रहे रामायण पाठ

सिटी सेंटर स्थित श्री तिरूपति हनुमान मंदिर पर भक्तों द्वारा 12 साल से लगातार 24 घंटे रामायण का पाठ किया जा रहा है। रामायण पाठ के लिए भक्त अपने आप समय निकालकर मंदिर पर पहुंच जाते हैं। वहीं रात के समय मंदिर में पाठ के लिए तीन से चार भक्त पहुंच जाते हैं जो कि चार-चार घंटों की पारी में रामायण का पाठ करते हैं। भक्तों का कहना है कि रामायण पाठ से अलग ही अनुभूति होती है। साथ ही मन को भी बहुत अधिक शांति मिलती है।
मंदिर पर रामायण पाठ की शुरूआत के बारे में बताते हुए कृष्णानंद शर्मा ने कहा कि 7 अगस्त 2007 से सिटी सेंटर पुल के नीचे स्थित श्री तिरूपति हनुमान मंदिर पर रामायण का पाठ चल रहा है। यहां पर जो भी भक्त चाहे रामायण का पाठ कर सकता है। हनुमान जी के मंदिर के पास ही रामदरबार की भी स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार और शनिवार को सर्वाधिक संख्या में यहां भक्त आते हैं। 

ऐसे हुई मंदिर में रामायण की शुरूआत :- मंदिर के पुजारी रजनीकांत शर्मा ने बताया कि 2007 में महलगांव में बहुत बड़ा यज्ञ हुआ था। इस यज्ञ को कराने के लिए वृंदावन धाम से मौनी बाबा आए थे। जुलाई माह से चातुर्मास प्रारंभ हो जाते हैं। इन चार माह तक मौनी बाबा इसी हनुमान मंदिर पर ठहरे उनके लिए भक्तों ने यहां पर कुटिया भी बनाई थी। इन चार माह तक लगातार उन्होंने मंदिर पर रामायण का पाठ किया। इसके बाद वह यहां पर दो माह और रहे। यहां से जाने से पूर्व उन्होंने मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी कराया था। इसके बाद उन्होंने सभी भक्तों से कहाकि अब उनकी श्रद्घा है कि वह यहां पर रामायण का पाठ नियमपूर्वक चालू रखें अथवा बंद कर दें। उस समय आशाराम यादव जो कि नगर निगम से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने रामायण के पाठ को नियमित रखने का संकल्प लिया। मई 2016 में आशाराम यादव की मृत्यु हो गई। लेकिन वह अपनी मृत्यु से पूर्व लगातार रामायण पाठ करते रहे। इसके बाद मंदिर में रामायण के पाठ को संचालित करने का जिम्मा भक्तों ने उठाया, जो कि निरंतर चालू है। 

मन्नत पूरी होने पर भक्त कराते हैं भण्डारे :- हाकिम सिंह यादव ने बताया कि श्री तिरूपति धाम हनुमान मंदिर पर आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने पर यहां अक्सर भंडारों का आयोजन किया जाता है। भक्तों द्वारा कराए जाने वाले भंडारों की संख्या माह में तीन से चार बार तक हो जाती है। 

मंदिर पर होते हैं दो बार भंडारे :- रामौतार पंडितजी ने बताया कि मंदिर पर पहला भंडारा 7 अगस्त को होता है। 7 अगस्त 2007 से ही मंदिर पर नियमित रूप से रामायण का पाठ प्रारंभ हुआ था। इसके बाद दूसरा भंडारा हनुमान जयंती पर आयोजित किया जाता है।
समय के अनुसार भक्त करते हैं पाठ :- रामायण पाठ के लिए भक्त नियमित रूप से हनुमान मंदिर पर पहुंचते हैं। नईदुनिया की टीम जब मंदिर पर पहुंची तो वहां पर श्रीराम दांगी रामायण का पाठ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें समय मिलता है वह मंदिर पर रामायण का पाठ करने के लिए आते हैं।

जब उठना होता है तो बजा देते हैं घंटी :- रामायण पाठ के दौरान जब भी भक्त को गद्दी से उठना होता है तो वह घंटी बजा देता है। घंटी की आवाज सुनकर वहां पर मौजूद दूसरे भक्त रामायण पाठ करने के लिए पहुंच जाते हैं। रामायण पाठ निरंतर चलता रहे और किसी को परेशानी नहीं हो इसके लिए मंदिर पर हर समय तीन से चार भक्त मौजूद रहते हैं।

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