छिंदवाड़ा, सागर और बैतूल में जोरदार बारिश, बिजली गिरने से एक महिला की मौत, तीन झुलसे - .

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Wednesday, 26 June 2019

छिंदवाड़ा, सागर और बैतूल में जोरदार बारिश, बिजली गिरने से एक महिला की मौत, तीन झुलसे

Rain in Madhya Pradesh : छिंदवाड़ा, सागर और बैतूल में जोरदार बारिश, बिजली गिरने से एक महिला की मौत, तीन झुलसे

छिंदवाड़ा सहित जिले के कई हिस्सों में बुधवार की दोपहर करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस दौरान रैयतवाड़ी गांव में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके तीन साथी झुलस गए। परासिया पुलिस के मुताबिक रैयतवाड़ी गांव की निवासी यशोदाबाई धुर्वे (35), उसका पति जगदीश धुर्वे, पड़ोसन बट्टीबाई परतेती और संध्या परतेती खेत में काम कर रही थीं।
बारिश शुरू होने पर वे चारों घर लौट रहे थे। तभी एक पेड़ के पास बिजली गिरने से वे चारों उसकी चपेट में आ गए। जिससे यशोदाबाई की मौत हो गई, जबकि जगदीश, संध्या और बट्टीबाई झुलस गए। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छिंदवाड़ा शहर सहित तामिया, बिछुआ, चौरई आदि ब्लाकों में अच्छी बारिश हुई है। छिंदवाड़ा के जिला अस्पताल परिसर में पानी घुस गया। जिससे वहां लोगों को परेशानी हुई। कई जगह बिजली गुल हो गई थी।
सागर। सागर में बुधवार को साढ़े तीन घंटे में दो इंच बारिश दर्ज की गई। दोपहर डेढ़ बजे से शाम पांच बजे तक हुई मूसलधार बारिश से नाले, नालियां, सड़कें लबालब हो गईं और निचली बस्तियों की कॉलोनियों, मकानों में पानी भर गया। निगम परिसर में एक फीट पानी भर गया था। परेशान लोग निगम पहुंचे और खरी-खोटी सुनाई तो आनन-फानन में जेसीबी भेजकर नालों से कचरा निकलवाया गया।

बैतूल। जिले में बीते 24 घंटे के दौरान बैतूल, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, चिचोली और मुलताई ब्लाक में झमाझम बारिश हुई। जिला मुख्यालय पर मानसून पूर्व की बारिश मंगलवार की रात हुई, जबकि बुधवार को चिचोली, मुलताई और आमला ब्लाक में तेज गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। घोड़ाडोंगरी ब्लाक में अभी तक 52.2, शाहपुर में 29.0, मुलताई में 67.8 और भैंसदेही में 53.6 मिमी बारिश हो चुकी है। 
भोपाल। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मानसूनी हलचल न होने से प्रदेश में दाखिल हो चुका मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। इस वजह से फिलहाल लगातार तेज बौछारें पड़ने के आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके प्रभाव से 1 जुलाई से सुस्त पड़े मानसून में ऊर्जा का संचार होगा। इसके बाद 3 जुलाई तक राजधानी सहित पूरे प्रदेश में मानसून के छाने की संभावना है। 

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश के पूर्वी-दक्षिणी क्षेत्र से प्रवेश करने के बाद इंदौर, होशंगाबाद, झाबुआ, मंडला तक पहुंचने के बाद अब थम गया है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में फिलहाल कोई सिस्टम नहीं होने से मानसून को आगे बढ़ने के लिए अपेक्षाकृत ऊर्जा नहीं मिल रही है। इससे लगातार तेज बौछारें पड़ने का क्रम भी थम गया है।
हालांकि, वातावरण में नमी बनी रहने से अनुकूल स्थिति मिलते ही प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर मानसून पूर्व की बरसात का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में बुधवार को सागर में 59, सिवनी में 27, उमरिया में 23, धार में 18, सतना में 6, मंडला में 5, पचमढ़ी में 1 मिमी. बरसात हुई। उज्जैन में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञानी अभिजीत ने बताया कि पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलने के कारण मानसून थम गया है। इससे बरसात की गतिविधियों में भी कमी आ गई है। अभिजीत के मुताबिक वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में बन रहा है। इसके 30 जून को सक्रिय होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से सुस्त पड़े मानसून को गति मिलेगी। इससे जुलाई माह की शुरुआत में मानसून पूरे प्रदेश में आगे बढ़ेगा। इससे राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर अच्छी बरसात होने की संभावना है।

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