अल नीनो की कमजोरी से अब मानसून को मिलेगी ताकत, बेहतर बारिश की उम्मीद - .

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Wednesday, 26 June 2019

अल नीनो की कमजोरी से अब मानसून को मिलेगी ताकत, बेहतर बारिश की उम्मीद

अल नीनो की कमजोरी से अब मानसून को मिलेगी ताकत, बेहतर बारिश की उम्मीद

भारत में मानसून को लेकर लंबे समय बाद अच्छी खबर आई है। इस मामले में मौसम विज्ञान ब्यूरो का कहना है कि हाल के दिनों में अल नीनो का प्रभाव कमजोर हुआ है। इसके कमजोर होने से मानसूनी बारिश में सुधार की उम्मीद है। अल-नीनो के प्रभाव से प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह गर्म हो जाती है, इससे हवाओं के रास्ते और गति में परिवर्तन आ जाता है। यह मौसम चक्र को प्रभावित करता है, जिससे मानसूनी बारिश भी कमजोर पड़ती है।
ऑस्ट्रेलियाई मौसम विभाग ने कहा कि फिलहाल अल नीनो के बनने का समय बीत गया है। इसका मतलब यह है कि अल नीनो अब निष्क्रिय है। इस साल अल नीनो की आशंका को पूरी तरह खारिज तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल अगले कुछ हफ्ते इसके आसार नहीं हैं। पिछले दिनों प्रशांत महासागर पर सतह का तापमान अल नीनो के स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन अब स्थिति नियंत्रित है।

वर्तमान स्थिति देखकर कहा जा सकता है कि तत्काल अल नीनो का खतरा टल गया है। इससे आगामी दिनों में भारत में बेहतर मानसूनी बारिश होने की उम्मीद है। भारत में मानसून अभी कमजोर है। हफ्तेभर पहले तक मानसून का स्तर औसत से 45 फीसद कम रहा है। इससे सीजन की बोआई में भी गिरावट दर्ज की गई है। अब मानसून का रुख बदल रहा है। दो महीने पहले दिए गए अनुमान में भारतीय मौसम विभाग ने कहा था कि इस साल मानसून में बारिश औसत के 96 फीसद के बराबर रह सकती है।
विभाग का कहना था कि हिंद महासागर पर बनने वाली द्विध्रुवीय (इंडियन ओशन डाई-पोल) स्थिति मानसून के अनुकूल है। हिंद महासागर के विभिन्न हिस्सों पर तापमान के अंतर को इंडियन ओशन डाई-पोल (आइओडी) कहा जाता है। ऑस्ट्रेलियाई मौसम विभाग ने भी आइओडी को लेकर इसी तरह का अनुमान जताया है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून से बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में कम दबाव क्षेत्र बनने का अनुमान है। इससे भी मानसून को ताकत मिलेगी।

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