मध्‍यप्रदेश में पौधरोपण मामला : निशाने पर कई आईएफएस अफसर, बड़ी सर्जरी की तैयारी - .

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Saturday, 29 June 2019

मध्‍यप्रदेश में पौधरोपण मामला : निशाने पर कई आईएफएस अफसर, बड़ी सर्जरी की तैयारी

मध्‍यप्रदेश में पौधरोपण मामला : निशाने पर कई आईएफएस अफसर, बड़ी सर्जरी की तैयारी

नर्मदा कछार में पौधरोपण मामले में कई आईएफएस अफसर वनमंत्री उमंग सिंघार के निशाने पर हैं। मंत्री ने साफ कर दिया है कि मामले के किसी भी जिम्मेदार को बख्शा नहीं जाएगा। वे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में हैं। इस मामले में जांच की आंच पौधरोपण अभियान के मुख्य सूत्रधार रिटायर्ड आईएफएस अफसर वाय. सत्यम तक जाने की संभावना है। उधर, नर्मदा किनारे के 16 जिलों में मंत्री ने टीमें उतार दी हैं जिनमें अफसरों के अलावा मंत्री के नजदीकी लोग शामिल रहेंगे, जो पौधरोपण की हकीकत मंत्री को बताएंगे। शिवराज सरकार ने दो जुलाई 2017 को नर्मदा कछार सहित प्रदेशभर में एक साथ सात करोड़ पौधे रोपे थे।

मंडला के कुसमी और बैतूल की शाहपुर रेंज में दो साल पहले किए गए पौधरोपण में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मंत्री सिंघार ने नर्मदा किनारे के सभी 16 जिलों में जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 16 जांच दल बनाए जा रहे हैं जिनमें वन अफसरों के अलावा मंत्री के नजदीकी गैर सरकारी लोग भी रहेंगे, जो नर्मदा कछार में लगाए गए पौधों की स्थिति की जांच करेंगे और मंत्री को रिपोर्ट सौंपेंगे।
इस रिपोर्ट का मिलान दो माह पहले एपीसीसीएफ स्तर के अफसरों को जिलों में भेजकर कराई गई जांच रिपोर्ट और सरकार बनने के बाद वन मुख्यालय द्वारा मंत्री को उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट से किया जाएगा। तीनों रिपोर्ट के मिलान में समानता न होने पर संबंधित अफसरों पर भी गाज गिरेगी। यह टीमें अगले हफ्ते से जिलों का दौरा शुरू कर सकती हैं। टीमों को सभी वनमंडलों में उन कंपार्टमेंट का निरीक्षण करना है, जिनमें दो जुलाई 2017 को पौधे रोपे गए हैं।

मंत्री की टीम ने की थी जांच :- बैतूल की शाहपुर रेंज के 227 नंबर कंपार्टमेंट में मंत्री अचानक यूं ही जांच करने नहीं पहुंच गए। उन्हें कंपार्टमेंट में कराए गए पौधरोपण की वास्तविकता पहले से पता थी। सूत्र बताते हैं कि मंत्री ने निजी लोगों की एक टीम गठित की थी, जिसने सेटेलाइट इमेजरी से मिले फीडबैक के आधार पर शाहपुर रेंज के इस कंपार्टमेंट का पहले निरीक्षण किया था। इस टीम की रिपोर्ट पर ही मंत्री जांच करने पहुंचे थे। जांच के दौरान 15,526 पौधों के स्थान पर महज ढाई हजार पौधे जिंदा पाए गए और सिर्फ नौ हजार गड्ढे पाए गए।

ऐसी ही स्थिति मंडला के कुसमी में पाई गई। निवास रेंज में 30 हेक्टेयर वनभूमि में 30 हजार पौधे रोपने का दावा किया गया था, लेकिन जांच में यहां नौ हजार पौधे ही मिले। इतना ही नहीं, 30 हजार की बजाय करीब 11 हजार गड्ढे मिले। मामले में क्षेत्र के एसडीओ और रेंजर पर गाज गिर सकती है।

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