कांग्रेस ने दस अनुभवी और सात नए चेहरों पर जताया भरोसा - .

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Monday, 15 April 2019

कांग्रेस ने दस अनुभवी और सात नए चेहरों पर जताया भरोसा

Madhya Pradesh: कांग्रेस ने दस अनुभवी और सात नए चेहरों पर जताया भरोसा

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने इंदौर को छोड़कर 28 क्षेत्रों में जो प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें अनुभव और नए चेहरों का मिश्रण है। पार्टी ने सात एकदम नए चेहरे चुनाव मैदान में उतारे हैं, जिनमें तीन का अब तक राजनीति से ज्यादा रिश्ता नहीं रहा है। नए चेहरों के अलावा कांग्रेस ने 10 ऐसे नेताओं को भी उतारा है जो कभी न कभी लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। यही नहीं पांच महिला प्रत्याशियों को टिकट देकर 17 फीसदी सीटों पर मौका दिया है, जिनमें से दो स्थानीय निकाय व पंचायत प्रतिनिधि का दायित्व निभा रही हैं।
दो अन्य प्रत्याशी होशंगाबाद के शैलेंद्र दीवान और धार के प्रत्याशी दिनेश गिरवाल पूर्व जिला पंचायत सदस्य हैं। इनके अलावा कई पूर्व विधायक भी हैं, जिन पर पार्टी ने भरोसा जताया और टिकट दिया है। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के मुकाबले दिलचस्प होने के आसार हैं। कांग्रेस ने अब तक 28 प्रत्याशियों का एलान कर दिया है और केवल इंदौर सीट पर संशय की स्थिति है।
पार्टी ने इस बार 10 पुराने अनुभवी नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है जो पहले लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें रतलाम के प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया सबसे ज्यादा सातवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं गुना प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया पांचवीं बार तो भोपाल से प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और खंडवा उम्मीदवार अरुण यादव चार-चार बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतारे जा चुके हैं। तीन-तीन बार मीनाक्षी नटराजन व अशोक सिंह और दो-दो बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में मुरैना के रामनिवास रावत, सतना के राजाराम त्रिपाठी, सीधी के अजय सिंह और जबलपुर के विवेक तन्खा हैं। इनमें से राजाराम त्रिपाठी पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे।
एक पूर्व सांसद तो एक पूर्व विधायक  :- लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पांच महिलाओं को भी टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। टीकमगढ़ से किरण अहिरवार, खजुराहो से कविता सिंह, शहडोल से प्रमिला सिंह, राजगढ़ से मोना सुस्तानी और मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। नटराजन पूर्व सांसद हैं तो प्रमिला सिंह पूर्व विधायक हैं। हालांकि प्रमिला कांग्रेस से विधायक नहीं रही थीं। कविता सिंह नगर पालिका खजुराहो की अध्यक्ष हैं तो मोना सुस्तानी जिला पंचायत की तीसरी बार सदस्य बनी हैं। केवल किरण अहिरवार को किसी चुनाव का अनुभव नहीं है। उन्हें दिग्विजय सिंह ने टिकट दिलाया है, क्योंकि किरण उनके विश्वस्त नौकरशाह रहे आरएन बैरवा की बेटी हैं।यह भी पढ़ें

नए चेहरे भी राजनीतिक समझ से परिपूर्ण  :-  कांग्रेस प्रत्याशियों में नए चेहरों में भिंड से देवाशीष जरारिया, टीकमगढ़ से किरण अहिरवार, रीवा से सिद्धार्थ तिवारी, छिंदवाड़ा से नकुलनाथ, देवास से प्रहलाद टिपानिया, खरगोन से डॉ. गोविंदा मुजाल्दा और बैतूल से रामू टेकाम हैं। इनमें से नुकलनाथ एकदम नए होने के बाद भी 40 साल की पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि मिलने से राजनीति के दांव-पेंच जानते-समझते हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ के लोकसभा चुनाव में उनके हाथ में राजनीतिक प्रबंधन का काम रहता था।

वहीं, किरण अहिरवार प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव हैं तो उन्हें राजनीति की समझ है। सिद्धार्थ ने अपने दादा प्रदेश की राजनीति के पुरोधा श्रीनिवास तिवारी और पिता सुंदरलाल तिवारी के साथ राजनीति का जो 'क-ख-ग' सीखा है, उसमें राजनीतिक समझ नहीं आने की शायद ही कोई गुंजाइश बची होगी। जरारिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट रहते हुए सैकड़ों राजनीतिक डिबेट में हिस्सा लेकर समझ का परिचय दिया है। केवल पद्मश्री टिपानिया, चिकित्सा क्षेत्र में नाम कमाने वाले डॉ. मुजाल्दा और टेकाम ही राजनीति के लिए नए हैं।

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