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Tuesday, 9 April 2019

10 हजार लीटर छाछ पीकर मतदान कराने जाएंगे हजारों कर्मचारी

Madhya Pradesh: 10 हजार लीटर छाछ पीकर मतदान कराने जाएंगे हजारों कर्मचारी

भरी गर्मी में हजारों कर्मचारी 29 अप्रैल को मतदान कराएंगे। गर्मी में कर्मचारी तरोताजा रह सकें इसके लिए मतदान दलों को छाछ पिलाई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर छवि भारद्वाज के निर्देश पर 10 हजार लीटर छाछ का ऑर्डर सांची दुग्ध संघ में किया गया है। चूंकि मतदान दल कर्मियों को एक दिन पहले ही रिपोर्टिंग के लिए बुला लिया जाता है, इसलिए दो दिन तक छाछ के टैंकर एमएलबी स्कूल स्थित स्ट्रांग रूम परिसर में खड़े रहेंगे।
यह व्यवस्था तो जिला निर्वाचन कार्यालय ने की है, लेकिन आयोग ने भी छाछ को चुनावी खर्च के दायरे से बाहर रखा है। यदि पार्टी के कार्यकर्ता चाहें तो वह छाछ का वितरण कर सकते हैं। बशर्ते इस दौरान आचार संहिता के नियमों का ध्यान रखना जरूरी होगा। 

पानी और छाछ दोनों रहेंगे :- - जिला निर्वाचन कार्यालय ने 15 हजार लीटर ठंडे पानी के टैंकर और 10 हजार लीटर छाछ का ऑर्डर कर दिया है। इसके अलावा मतदान दिवस पर दलों की रवानगी से लेकर उनकी वापसी तक भोजन, चाय-नाश्ते की व्यवस्था भी की जाएगी। 2009 के विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह से मतदान दलों को छाछ पिलाई गई थी। उस समय तो छाछ के अलावा शरबत का इंतजाम भी था। 

'छाछ खर्च से बाहर :- जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक 'छाछ (मही या मठा) को प्रत्याशियों के खर्च वाली सूची से बाहर ही रखा है। आयोग के निर्देश में कहा गया है कि यदि मतदान वाले दिन बूथ से 100 मीटर दायरे के बाहर पार्टी कार्यकर्ता, प्रत्याशी समर्थक या कोई सामाजिक संस्था, संगठन के लोग छाछ का वितरण लोगों को करते हैं तो उसका खर्च प्रत्याशी के खाते में नहीं जोड़ा जाएगा। लेकिन छाछ वितरण के दौरान प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकता। आचार संहिता का पालन उस समय भी कार्यकर्ता या संस्था पदाधिकारियों को करना अनिवार्य रहेगा। 

लोकसभा चुनाव में मतदान वाले दिन तक तापमान काफी ज्यादा होगा। इसी बात को ध्यान मंे रखकर मतदान दल के कर्मचारियों को छाछ पिलाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सांची दुग्ध संघ की छाछ उपयोग किया जाएगा।

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