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Tuesday, 19 March 2019

वन विभाग ने वन्य प्राणी केराकल की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए

Madhya Pradesh  : वन विभाग ने वन्य प्राणी केराकल की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए

वन विभाग ने 15 साल पहले मध्य प्रदेश के जंगलों से गायब हुए केराकल (स्याहगोश) की तलाश श्ाुरू कर दी है। विभाग ने ग्वालियर और उज्जैन संभाग में सार्वजनिक स्थानों पर केराकल की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए हैं और आमजन से ऐसा जीव दिखने पर संबंधित जिले के डीएफओ को सूचित करने की अपील की है। विभाग ने संबंधित जिलों में अफसरों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिए हैं। केराकल बिल्ली प्रजाति से है। यह कद काठी में पालतू और जंगली बिल्ली से बड़ा होता है। यह आबादी और जंगल के बीच के क्षेत्र में पाया जाता है। विभाग ने इसकी तलाश एक सप्ताह पहले शुरू की है और अब तक सात लोगों ने विभाग की फेसबुक वॉल पर फोटो पोस्ट किए हैं। हालांकि इनमें से कोई भी फोटो केराकल का नहीं है।

केराकल के गायब होने का ठीक-ठीक कारण विभाग के अफसरों को पता नहीं है, लेकिन वन्य प्राणी विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीव पूरी तरह से लुप्त नहीं हुआ है। बस दिखाई देना बंद हो गया है। वन अफसर इसके कई कारण गिनाते हैं। वे कहते हैं कि छिपकर रहने और रात में निकलने की आदत की वजह से यह जीव कम दिख रहा है। यदि खोजेंगे तो आसानी से मिल जाएगा। 
वास्तविकता पता करना भी मकसद :- केराकल की तलाश शुरू करने का मकसद वास्तविकता पता करना भी है। दरअसल, वन अफसरों को अभी ठीक-ठीक पता नहीं है कि केराकल प्रजाति लुप्त हो रही है या हो चुकी है और इसका कारण क्या है। इस बहाने विभाग इस वास्तविकता का भी पता लगाएगा। यदि इस अभियान से यह पता चलता है कि केराकल वास्तव में विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका है तो उसे बचाने की योजना बनाई जाएगी। 
बाघ से हटकर देखने की कोशिश :- वन अफसरों का कहना है कि बाघ के संरक्षण पर सभी का ध्यान है। अब इस अभियान को दूसरे जीवों तक ले जाने की कोशिश की जा रही है। ताकि बाघ के साथ जंगल के दूसरे जीवों का भी संरक्षण हो सके। बाघ को बचाने का मुख्य मकसद भी यही था, लेकिन इसमें विभाग पिछड़ गया, क्योंकि पूरा फोकस बाघ पर हो गया। 
केराकल के बारे में :- यह बिल्ली प्रजाति का जीव है। जंगली और पालतू बिल्ली से बड़ा होता है। यह घास के मैदान, झाड़ियों, पठारों और पेड़ों वाले खुले क्षेत्र में रहता है। यह रात्रिचर जीव है। इस कारण भी कम दिखता है। कान के लंबे बाल इसकी पहचान हैं। चूहे, खरगोश, चिड़िया इसका मुख्य भोजन है। यह उड़ती चिड़िया को छलांग लगाकर पकड़ लेता है। इसका वजन आठ से 18 किलो तक होता है और इसकी लंबाई 70 से 105 सेंटीमीटर होती है।

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