सागर जिले के तीन गांवों में सियार के हमले से 14 घायलों के शरीर में फैला रैबीज - .

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Thursday, 28 March 2019

सागर जिले के तीन गांवों में सियार के हमले से 14 घायलों के शरीर में फैला रैबीज



Madhya Pradesh  : सागर जिले के तीन गांवों में सियार के हमले से 14 घायलों के शरीर में फैला रैबीज

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के विधानसभा क्षेत्र रहली के तीन गांवों में पागल सियार के हमले के बाद रैबीज का संक्रमण फैलने से एक महिला की भोपाल के हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई, वहीं 3 बच्चों सहित 13 घायल भी एक निजी अस्पताल में जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष भार्गव के कहने से बाद भी वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग घायलों को समय पर एंटी रैबीज का टीकाकरण नहीं करा पाया। नेता प्रतिपक्ष ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर जानकारी दी। गुरुवार को भोपाल से लेकर सागर तक हड़कंप मचा रहा।

रहली क्षेत्र के काछी पिपरिया, सहजपुरी तथा सागोनी बुंदेला गांव में पागल सियार ने 10 मार्च को 14 लोगों को काट लिया था। 10 मार्च को रहली के गांवों में सियार के हमले से घायल लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं जा सका। जब 15 मार्च को वन विभाग के अधिकारी घायलों को बीएमसी लेकर पहुंचे तो वहां वैक्सीनेशन नहीं हुआ। बाद में जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन तो लगाया, लेकिन एंटी रैबीज सीरम दवा उपलब्ध ही नहीं थी। हालत बिगड़ने पर सुनीता को मकरोनिया स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई।

वन विभाग के अधिकारी बाजार से लाए सीरम :- जिला अस्पताल में 15 मार्च को एंटी रैबीज सीरम नहीं मिला तो डॉक्टरों ने वन विभाग वालों को एआरएस के इंजेक्शन बाहर से लाने के लिए कहा था। वन कर्मी एआरएस बाहर से खरीदकर लाए थे, तब इन्हें लगाया जा सका।

राजधानी से रिपोर्ट मांगी तो मचा हड़कंप :- नेता प्रतिपक्ष भार्गव के पत्र के बाद सीएम हाउस ने स्वास्थ्य विभाग व वन विभाग से जानकारी सहित स्पष्टीकरण मांगा है। इधर संभागायुक्त, कलेक्टर ने भी विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला अस्पताल से विशेषज्ञों की टीम रहली के गांवों में भेजी थी। इधर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. वीएस तोमर का कहना है कि घायलों को रहली में पहले ही एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके थे। अस्पताल में वैक्सीन भरपूर हैं। हमारे यहां लापरवाही नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर बीएमसी के डीन डॉ. जीएस पटेल का कहना है कि सुनीता पटेल को बीएमसी में 25 मार्च को भर्ती कराया गया था। इलाज चल रहा था। परिजन उसे अपनी मर्जी से घर ले गए। फाइल पर भी लिखकर गए हैं। हमारे यहां एंटी रैबीज सहित सभी वैक्सीन उपलब्ध हैं।
प्रशासनिक लापरवाही से बने ये हालात :- घायलों को समय पर रैबीज के इंजेक्शन नहीं लग पाने से उनकी हालत बिगड़ी है। घटना की जानकारी लगते ही मैंने अपने स्तर पर घायलों का निजी अस्पताल में इलाज शुरू कराया है। इस मामले में सीएम को भी पत्र लिखा है। इस मामले में वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही नजर आ रही है। 
धरने पर बैठे भाजपा नेता :- सियार के काटने से महिला की मौत के बाद उसके परिजन को तत्काल मुआवजा देने और रहली के वनविभाग के एसडीओ को हटाने की मांग को लेकर भाजपा नेता अभिषेक दीपू भार्गव अपने समर्थकों के साथ गुरुवार को समर्थकों के साथ वनविभाग एसडीओ कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। शाम करीब 6 बजे ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया।
मामले की जांच कराई जाएगी :- इधर दक्षिण वनमंडल के डीएफओ क्षितिज कुमार ने कहा कि घायलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं। महिला की मौत के बाद सके परिजनों के लिए 4 लाख की राशि स्वीकृत कर दी है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है कि जांच पूरी होने तक एसडीओ को सागर वन विभाग कार्यालय में अटैच किया जाए।

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