बेहतर मौद्रिक नीति की आस में शेयर बाजार में उछाल - .

Breaking

Wednesday, 6 February 2019

बेहतर मौद्रिक नीति की आस में शेयर बाजार में उछाल

बेहतर मौद्रिक नीति की आस में शेयर बाजार में उछाल

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की मौद्रिक नीति के रुख में बदलाव की उम्मीद में हुई चौतरफा लिवाली से बुधवार को देश के शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी दर्ज की गई। बीएसई का सेंसेक्स 358.42 अंकों की तेजी के साथ 36,975.23 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 128.10 अंकों की तेजी के साथ 11,062.45 पर बंद हुआ। दोनों ही इंडेक्स पांच महीने के ऊपरी स्तर पर बंद हुए। बाजार के जानकारों के मुताबिक आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के गुरुवार को आने वाले परिणाम से पहले निवेशकों में उत्साह देखा गया।

मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक मंगलवार को शुरू हुई है। बाजार को उम्मीद है कि महंगाई कम रहने से मौद्रिक नीति के रुख को सख्त से बदलकर निरपेक्ष किया जा सकता है, हालांकि विशेषज्ञों ने नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावना से इंकार किया है। सेंसेक्स में सिर्फ दो शेयरों इंडसइंड बैंक (0.64 फीसद) और एक्सिस बैंक (0.54 फीसद) में गिरावट रही। दूसरी ओर टाटा स्टील में सर्वाधिक 4.23 फीसद तेजी रही। बीएसई पर रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) में 0.74 फीसद तेजी रही। बीएसई के मिडकैप इंडेक्स में 0.12 फीसद गिरावट रही, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.05 फीसद तेजी रही। सेक्टरों के लिहाज से धातु और आइटी सेक्टरों में सर्वाधिक तेजी रही। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि शेयरों में चौतरफा लिवाली से बाजार में तेजी रही। मौद्रिक नीति के रुख में बदलाव और विदेशी निवेश के कारण निफ्टी भी 10,650-10,950 के छोटे दायरे को पार कर गया।

इसके अलावा बांड्स की यील्ड घटने से भी तेजी को बल मिला। बीएसई के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआइ) ने 420.65 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध लिवाली की थी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 194.31 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध लिवाली की थी। एशिया के अन्य बाजारों में जापान के निक्केई में 0.14 फीसद तेजी रही। चीन और कोरिया के बाजार स्थानीय नव वर्षारंभ के अवसर पर बंद रहे। यूरोपीय बाजारों के शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुझान रहा। फ्रैंकफर्ट के डीएएक्स में 0.43 फीसद, पेरिस के सीएसी40 में 0.40 फीसद और लंदन के एफटीएसई में 0.32 फीसद गिरावट देखी गई।

डॉलर के मुकाबले 78 तक गिर सकता है रुपया :- बढ़ते वित्तीय और चालू खाता घाटा के कारण रुपया इस साल गिरकर डॉलर के मुकाबले 78 तक आ सकता है। कार्वी की सालाना कमोडिटी और करेंसी रिपोर्ट 2019 के मुताबिक दोनों ही मोर्चों पर घाटा के कारण रुपये में गिरावट आने की आशंका है। कार्वी के सीईओ-कमोडिटी एंड करेंसी रमेश वाराखेडकर ने कहा कि यदि डॉलर के मुकाबले रुपया 74.50 का स्तर पार करता है, तो पूरी संभावना है कि ये 2019 में और गिरते हुए 78 तक पहुंच जाएगा। इस बीच फॉरेक्स बाजार में बुधवार को रुपया एक पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 71.56 पर बंद हुआ।

No comments:

Post a Comment

Pages