प्रदेश के तीन चौथाई कर्मचारी हड़ताल पर, पुरानी पेंशन बहाली की है मांग - .

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Wednesday, 6 February 2019

प्रदेश के तीन चौथाई कर्मचारी हड़ताल पर, पुरानी पेंशन बहाली की है मांग

Uttar Pradesh: प्रदेश के तीन चौथाई कर्मचारी हड़ताल पर, पुरानी पेंशन बहाली की है मांग

सरकार की चेतावनी और एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) के भय को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों और निगमों व प्राधिकरणों के कार्मिकों ने बुधवार से हड़ताल का बिगुल फूंक दिया। 12 फरवरी तक प्रस्तावित सात दिन की हड़ताल की जोरदार शुरुआत करते हुए कर्मचारियों ने लखनऊ सहित कई जिलों के सरकारी दफ्तरों में ताले जड़ दिए। कर्मचारी नेताओं ने 80 फीसद दफ्तरों में कामकाज ठप रहने का दावा किया है।
पुरानी पेंशन बहाली पर बीते पांच महीने से सरकार के सकारात्मक रुख का इंतजार करने के बाद निराश हुए कर्मचारियों ने हड़ताल की शुरुआत बुधवार को प्रयागराज से की। वहां स्थित राजकीय मुद्रणालय में सुबह छह बजे ही काम ठप कर कर्मचारी सड़क पर उतर आए। लखनऊ में समाज कल्याण निदेशालय, उद्यान निदेशालय व कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार निदेशालय सहित कई विभागों में सुबह कर्मचारियों ने ताले डाल दिए।

बलिया के कई दफ्तरों में तालाबंदी रही, जबकि प्रतापगढ़, पीलीभीत, कुशीनगर, मऊ रायबरेली, बुलंदशहर, हापुड़ व गौतमबुद्धनगर सहित कई अन्य जिलों में भी दफ्तरों में कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। सभी जिलों में कर्मचारियों ने प्रदर्शन के साथ विरोध सभाएं आयोजित कीं। लखनऊ में लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में कर्मचारियों की सभा हुई।
हड़ताल का आह्वान करने वाले कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी व अध्यक्ष डॉ.दिनेश चंद शर्मा ने सभा में हड़ताल की जोरदार शुरुआत होने का दावा करते हुए इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पुरानी पेंशन बहाली के लिए सभी कर्मचारियों के एकजुट होने का हवाला देते हुए तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों, शिक्षकों व अधिकारियों के हड़ताल के प्रति समर्पण के आगे एस्मा बेअसर हो गया है। मंच के अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रदेश में हड़ताल का व्यापक असर होने का दम भरा।

मॉनीटरिग को निकली टीमें :- हड़ताल का जायजा लेने के लिए पुरानी पेंशन बहाली मंच ने लखनऊ सहित सभी जिलों में अपनी मॉनीटरिग टीमें रवाना कीं। इन टीमों ने लखनऊ में वाणिज्य कर, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, आरटीओ, रजिस्ट्री, समाज कल्याण, उद्यान विभाग, अर्थ एवं संख्या, नियोजन, कृषि विपणन एवं विदेश, निबंधन, कोषागार, सिंचाई, आबकारी, श्रम, बांट माप, मातृ शिशु कल्याण, शिक्षा विभाग, सूचना विभाग, डायट, कृषि, वित्तीय प्रबंध एवं प्रशिक्षण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व राजस्व विभाग सहित अन्य कार्यालयों में पूरी तरह हड़ताल होने की रिपोर्ट दी है।

यहां भी रहा असर :- झांसी, बनारस, प्रयागराज, गोरखपुर, बलिया, कानपुर, इटावा, एटा, कन्नौज, आगरा, मथुरा, पीलीभीत, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, गाजीपुर, कुशीनगर, मेरठ, प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, अमेठी, अमरोहा, अलीगढ़, चंदौली, संभल, गौतमबुद्धनगर, बरेली, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गोंडा, बलरामपुर व सोनभद्र सहित अन्य जिलों में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने सभा कर सरकार को चेतावनी दी कि अब वार्ता नहीं समाधान चाहिए।

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