विदिशा में मंच पर ही दिखे सुषमा स्वराज और विजयलक्ष्‍मी साधौ के बीच मतभेद - .

Breaking

Thursday, 21 February 2019

विदिशा में मंच पर ही दिखे सुषमा स्वराज और विजयलक्ष्‍मी साधौ के बीच मतभेद

विदिशा में मंच पर ही दिखे सुषमा स्वराज और विजयलक्ष्‍मी साधौ के बीच मतभेद

शहर में गुरुवार को 15 करोड़ रुपए की लागत से तैयार ऑडिटोरियम के लोकार्पण समारोह में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तल्खी मंच से उजागर हो गई। कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश की संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने मंच से कहा कि इस ऑडिटोरियम के लिए 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार से मिलना थी। लेकिन राशि नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने इसे पूरा कराया। इसके जवाब में विदेश मंत्री एवं क्षेत्र की सांसद सुषमा स्वराज ने कहा कि संस्कृति मंत्री को यह बात कहने की जरूरत नहीं थी। वे खुद ही इस पर बात करने वाली थीं। उन्होंने कहा कि ऑडिटोरियम निर्माण में डेढ़ करोड़ की राशि कम पड़ी थी, जिसके लिए उन्होंने सीएम कमलनाथ से चर्चा की थी और उन्होंने यह राशि तत्काल मंजूर भी कर दी थी।

भाजपा सरकार के कार्यकाल में निर्माण और कांग्रेस सरकार के समय ऑडिटोरियम का लोकार्पण होने से कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों के बीच अंतरविरोध देखने को मिला। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लोकार्पण के लिए पहले करीब आधा घंटे संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ का इंतजार करना पड़ा। लोकार्पण में भी डॉ. साधौ ने अपना उद्बोधन दिया और विधानसभा में शामिल होने की बात कहकर कार्यक्रम से रवाना हो गईं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि यह ऑडिटोरियम संस्कृति के आदान प्रदान का केंद्र बनेगा।

वे मंच से केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूकी। उन्होंने कहा कि इस ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार को और 40 फीसदी राशि राज्य सरकार को देना थी। इस लिहाज से केंद्र सरकार से उन्हें 9 करोड़ रुपए मिलना था। लेकिन मात्र 2 करोड़ ही मिल पाए। राज्य सरकार ने अपनी ओर से 11 करोड़ रुपए खर्च ऑडिटोरियम का निर्माण कराया। उन्होंने विदेश मंत्री से यह राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
संस्कृति मंत्री की इस बात का जवाब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंच से ही दिया। उन्होंने डेढ़ करोड़ की राशि के लिए सीएम कमलनाथ को धन्यवाद भी दिया। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी शामिल थे। जब वे भाषण देने आए तो भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग नारेबाजी करने लगे।
विदिशा से नहीं टूटेगा रिश्ता :- सुषमा स्वराज ने कार्यक्रम में भावनात्मक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि शरीर के गुर्दे खराब होने की वजह से वह पिछले दो साल से क्षेत्र में नहीं आ पाई। लेकिन आखिरी वचन पूरा करने के लिए इस समारोह में शामिल हुई हूं। डॉक्टरों की सलाह पर ही उन्होंने अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। वे इस क्षेत्र से सांसद भले ही न रहें। लेकिन इस जिले से उनका रिश्ता हमेशा बरकरार रहेगा। यहां के लोगों के सुख-दुख में वे हमेशा शामिल रहेंगी।

No comments:

Post a Comment

Pages