100 करोड़ के वाय सेक्शन के जरिए जुड़ेगी दाहोद और महू लाइन - .

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Sunday, 24 February 2019

100 करोड़ के वाय सेक्शन के जरिए जुड़ेगी दाहोद और महू लाइन

100 करोड़ के वाय सेक्शन के जरिए जुड़ेगी दाहोद और महू लाइन

इंदौर-दाहोद और इंदौर-महू लाइन को जोड़ने के लिए रेलवे ने वाय सेक्शन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके निर्माण में करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। वाय सेक्शन बनने से भविष्य में पीथमपुर, धार, दाहोद, आलीराजपुर और छोटा उदयपुर तरफ से आकर महू-खंडवा तरफ जाने वाली और महू-खंडवा तरफ से आकर पीथमपुर, दाहोद और छोटा उदयपुर तरफ जाने वाली ट्रेनों को काफी सहूलियत होगी। अभी दोनों तरफ की ट्रेनों को राऊ स्टेशन आकर इंजन की दिशा बदलकर भेजने की व्यवस्था है, जो समय खपाने वाली है।
इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल इंदौर से टीही के बीच लाइन डाली गई है। अभी तो इस लाइन पर केवल मुंबई तरफ आने-जाने वाली कंटेनर ट्रेन ही चलाई जाती हैं क्योंकि महू-खंडवा के बीच बड़ी लाइन बिछाने का काम अधूरा है। इसी तरह टीही से पीथमपुर, धार, झाबुआ होते हुए दाहोद और धार से छोटा उदयपुर तक जब लाइन बिछ जाएंगी और यात्री व मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू होगी, तब वाय सेक्शन की जरूरत पड़ेगी। इससे इंदौर-महू-खंडवा, इंदौर-दाहोद और छोटा उदयपुर-धार रेल लाइन आपस में जुड़ जाएंगी और रेलवे को इंजन की दिशा बदलने की झंझट नहीं करना पड़ेगी। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का समय भी बचेगा। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की तरफ से उनके सलाहकार नागेश नामजोशी ने इसका प्रस्ताव कई साल पहले रेलवे को दिया था, जिसका इस्टिमेट रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि 2019 में इसका काम शुरू होगा।

एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी रेल लाइन बिछाना होगी :- रेलवे निर्माण विभाग के अफसरों ने बताया कि वाय सेक्शन बनाने के लिए रेलवे को एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी रेल लाइन बिछाना होगी। इसके लिए जरूरी जमीन भी लेना होगी, जिसके अर्जन पर 25 से 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां रेलवे को जमीन लेने के लिए तगड़ा मुआवजा बांटना होगा। इसके अलावा दो सड़कों के नीचे से ट्रेन गुजारने के लिए रेल अंडरब्रिज भी बनाना होंगे। शुरुआती सर्वे में इसकी लागत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी गई है।

खलघाट फोर लेन के नीचे से निकलेगी ट्रेन :- योजना के मुताबिक रेलवे वाय सेक्शन बनाने के लिए इंदौर-खलघाट फोर लेन नेशनल हाईवे के नीचे रेल लाइन बिछाएगा। इसके अलावा बिजली की दो बड़ी लाइन क्रॉस हो रही हैं, जिनकी शिफ्टिंग का खर्च भी रेलवे को करना होगा। एक आरयूबी छोटी रोड पर बनेगा, जबकि दूसरा नेशनल हाईवे पर बनाने की योजना है।

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