देरी के लिए माफी मांगेगी इंडिया की पहली Bullet Train, एंट्री के भी होंगे नियम-कायदे - .

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Monday, 28 January 2019

देरी के लिए माफी मांगेगी इंडिया की पहली Bullet Train, एंट्री के भी होंगे नियम-कायदे

देरी के लिए माफी मांगेगी इंडिया की पहली Bullet Train, एंट्री के भी होंगे नियम-कायदे


मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन एक मिनट भी लेट हुई तो पैसेंजर को 'सॉरी' कहेगी। इतना ही नहीं ये ट्रेन यात्रियों को लेट होने का कारण भी बताएगा। ये पहली बार होगा जब किसी भारतीय ट्रेन में ऐसा फीचर जोड़ा जा रहा है। यह जानकारी खुद नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने दी है। बताते चले कि हालही में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन का नाम ‘ट्रेन-18’ से बदलकर ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ रखे जाने की जानकारी दी थी।
NHSRCL जल्दी ही हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लागू कर रहा है। भारत में 2022 में हाईस्पीड बुलेट ट्रेन दौड़ने की उम्मीद है। NHSRCL ने इसे जापान की हाई स्पीड ट्रेन शिंकानसेन की तर्ज पर ही चलाने का फैसला किया है। कॉरपोरेशन ने कहा कि अगर यह गाड़ी दो मिनट भी लेट होगी तो हम यात्रियों से माफी मांगेंगे। एनएचआरसीएल के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया कि, अगर बुलेट ट्रेन थोड़ी भी लेट होगी तो हम सार्वजनिक तौर पर यात्रियों से माफी मांगेंगे।

दरअसल, समय पाबंदी में जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन को दुनियाभर में सबसे बेहतरीन माना जाता है। वहां रेलवे का अनुशासन इतना उच्चस्तर का है कि अगर बुलेट ट्रेन कुछ मिनट लेट हो जाती है तो विभाग हर एक पैसेंजर से निजी तौर पर माफी मांगता है। इसके लिए यात्रियों को लेट नोट्स भी जारी किए जाते हैं, ताकि नौकरी पर जाने वाले लोग अपनी कंपनियों को देर से आने की वजह बता सकें। जापान रेलवे ने एक बार बुलेट ट्रेन के 20 सेकंड जल्दी पहुंचने के लिए भी यात्रियों से माफी मांगी थी। खरे के अनुसार, वे विलंब प्रमाणपत्र जारी नहीं करेंगे क्योंकि कुछ विशेष पहलू जापान के लिए मौलिक रूप से अद्वितीय हैं। वहीं भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक अंतर भी है। बता दें कि, भारतीय अधिकारियों ने जापान का दौरा किया और शिंकानसेन नेटवर्क का अध्ययन किया।अधिकारियों ने इसकी प्रणाली, प्रक्रिया, ग्राहकों के साथ बातचीत करने के साथ-साथ कई विशेषताओं का अवलोकन किया है, जो कि काफी महत्वपूर्ण है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बुलेट ट्रेन नेटवर्क के स्टेशनों पर यात्री बिना वजह नहीं घूम सकेंगे, जैसा कि आमतौर पर भारतीय रेलवे स्टेशनों पर होता है।

NHSRCL ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक टिकट धारक को ट्रेन के प्रस्थान के एक निश्चित समय से पहले ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी। खरे ने बताया कि एक्सेस कंट्रोल फीचर बार-कोडेड टिकटों को शामिल करेगा जो कट-ऑफ टाइम से पहले प्लेटफॉर्म में प्रवेश की अनुमति नहीं देगा। भारत में बुलेट ट्रेन योजना पर काम जारी है। 2022 से यह हाई स्पीड ट्रेन ट्रैक पर दौड़ती दिख सकती है। बुलेट ट्रेन हर दिन अहमदाबाद और मुंबई के बीच 508 किलोमीटरकी दूरी 320 किमी/घंटा की रफ्तार से तय करेगी। कहा जा रहा है कि यह ट्रेन हर दिन 70 चक्कर लगाएगी। इसका किराया भी साधारण ट्रेन के फर्स्ट एसी की तुलना में 1.5 गुना ज्यादा होगा।

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