एक डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, दूसरा बोला-अभी सांस चल रही है - .

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Friday, 18 January 2019

एक डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, दूसरा बोला-अभी सांस चल रही है

होशंगाबाद : एक डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, दूसरा बोला-अभी सांस चल रही है

जिला अस्पताल में तीन दिन से भर्ती 13 साल के बालक की उपचार के दौरान गुरुवार-शुक्रवार रात मौत हो गई। उसके परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक बालक को सांस की बीमारी थी, लेकिन डॉक्टर उसे मानसिक रोग की दवाएं देते रहे। गुरुवार की रात एक डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे ने उस समय जीवित बताया। देर रात में उसकी मौत हुई।
पिपरिया के गढ़ाघाट निवासी विनय तिवारी ने बताया कि उनका छोटा भाई विनीत (13) वर्ष को सेरेब्रल पाल्सी(सीपी) यानि मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित था। तीन दिन पहले उसे सांस की बीमारी के कारण पिपरिया के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां से होशंगाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के डॉक्टर उसे सांस रोग बीमारी की बजाय मानसिक रोग की दवाएं देते रहे। गुरुवार रात को उसकी तबीयत बिगड़ी तो ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमने दूसरे डॉक्टर को दिखाया, तो उन्होंने उसे जीवित बताया।
हालांकि, देर रात उसकी मौत हो गई। जिस पर कलेक्टर आशीष सक्सेना को सूचना दी। उनके निर्देश पर रात में ही तहसीलदार और कोतवाली टीआई सहित अन्य डॉक्टर पहुंच गए। शुक्रवार सुबह तीन डॉक्टरों की पैनल ने पीएम कि या। जिसमें पाया गया है कि फेफड़ों में अत्यधिक संक्रमण के कारण विनीत की मौत हुई है। 

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