मरने के बाद भी आंखें किसी को देकर जाना चाहता हूं : पद्मश्री डॉ. पीएस हार्डिया - .

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Wednesday, 30 January 2019

मरने के बाद भी आंखें किसी को देकर जाना चाहता हूं : पद्मश्री डॉ. पीएस हार्डिया

मरने के बाद भी आंखें किसी को देकर जाना चाहता हूं : पद्मश्री डॉ. पीएस हार्डिया

जिंदगीभर लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने के लिए काम करता रहा। मरने के बाद भी मैं किसी की अंधेरी जिंदगी को रोशन करना चाहता हूं। मैंने परिजन से कह दिया है कि मेरी मृत्यु के बाद देह मेडिकल कॉलेज को और आंखें किसी जरूरतमंद को दे देना। 15 साल पहले मेरा नाम पद्मश्री के लिए चला था। हर बार उम्मीद बंधती थी लेकिन पूरी नहीं होती थी। अब जाकर सम्मान मिलने जा रहा है।
यह बात प्रख्यात नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस हार्डिया ने बुधवार को कही। वे प्रेस क्लब में पत्रकारों से 'चाय पर चर्चा" कार्यक्रम में शामिल हुए। सम्मान के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसके लिए उन्होंने 15 साल इंतजार किया जो अब पूरा हुआ है। प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने श्रीफल, स्मृति चिन्ह देकर डॉ. हार्डिया का सम्मान किया। डॉ. हार्डिया ने युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो मोबाइल से दूरी बनाए रखने का संकल्प लें।
उन्होंने इंदौर के नागरिकों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील भी की। डॉ. हार्डिया अब तक साढ़े छह लाख से ज्यादा सर्जरी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उम्र की वजह से वे अब सर्जरी नहीं करते लेकिन राऊ चौराहा स्थित चिकित्सालय में आज भी नियमित रूप से मरीजों को देखते हैं।

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