3 माह पहले दुर्घटना में बेटे की मौत, आर्थिक मदद मांगने गई मां को जनसुनवाई से भगाया - .

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Tuesday, 1 January 2019

3 माह पहले दुर्घटना में बेटे की मौत, आर्थिक मदद मांगने गई मां को जनसुनवाई से भगाया

3 माह पहले दुर्घटना में बेटे की मौत, आर्थिक मदद मांगने गई मां को जनसुनवाई से भगाया

तीन माह पहले सड़क हादसे में बेटे की और कैंसर से बहू की भी मौत हो गई। उनके दो मासूम बच्चे हैं। पति बुजुर्ग हैं और बीमार रहते हैं। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। आखिर मैं नाती और नातिन को कैसे पालूं। उन्हें रूखी-सूखी रोटी खिलाकर झोपड़ी में सुला देती हूं। मैं कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में अधिकारियों से मुआवजा दिलाने की गुहार लगाने गई तो उन्होंने मुझे भगा दिया। अधिकारियों पर यह आरोप कुड़ी मंगवाल की बूंदाबाई आदिवासी ने लगाए हैं।
बूंदाबाई का कहना है कि नए साल के पहले दिन मंगलवार को मैं कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में इस उम्मीद से गई थी कि सड़क हादसे में हुई बेटे धर्मवीर की मौत का मुआवजा मिल जाए, ताकि मैं अपने बेटे की दोनों संतानों (नाती-नातिन) को पाल सकूं। लेकिन अधिकारियों ने आवेदन लेकर भगा दिया। इस महिला का कहना है कि कैंसर से बहू की मौत हो गई। इसके बाद तीन माह पहले बेटे धर्मवीर की सड़क हादसे में जान चली गई।

तत्कालीन कलेक्टर विजय दत्ता ने परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का वादा कि या था। इसके लिए उसने बार-बार अधिकारियों को आवेदन दिया लेकि न अधिकारी आवेदन लेकर कहते हैं जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार एक जनवरी को जनसुनवाई से अफसरों ने भगा दिया।

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