मध्‍यप्रदेश में शहरी गरीब युवाओं को 100 दिन का रोजगार मिलेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 600 रुपए हुई - .

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Monday, 28 January 2019

मध्‍यप्रदेश में शहरी गरीब युवाओं को 100 दिन का रोजगार मिलेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 600 रुपए हुई

मध्‍यप्रदेश में शहरी गरीब युवाओं को 100 दिन का रोजगार मिलेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 600 रुपए हुई

गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मनरेगा की तर्ज पर शहरी गरीब युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। छिंदवाड़ा में झंडावंदन के बाद कमलनाथ ने कहा है कि शहरी क्षेत्र के गरीब युवाओं को अस्थायी रोजगार देने के लिए युवा स्वाभिमान योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के गरीब युवाओं को एक साल में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
कमलनाथ ने कहा कि रोजगार के दौरान युवाओं को उनके पसंद के क्षेत्र में कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके हाथ में कौशल होगा तो वे विभिन्न् क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसर का लाभ उठाएंगे। योजना में 10 फरवरी से युवाओं का रजिस्ट्रेशन शुरू होगा और फरवरी में ही रोजगार व कौशल देने का काम शुरू हो जाएगा। उधर, मुख्यमंत्री की घोषणा पर नगरीय विकास विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही योजनाओं के नियम, प्रक्रिया, पात्रता तय कर इसे लागू किया जाएगा।

बुजुर्गों, दिव्यांगों और कल्याणियों की पेंशन दोगुनी :- मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के तहत बुजुर्गों, दिव्यांगों और कल्याणियों को मिलने वाली पेंशन भी दोगुना होगी। अब इन्हें 300 रुपए की जगह 600 रुपए महीना पेंशन दी जाएगी। कमलनाथ ने कहा कि धीरे-धीरे पेंशन बढ़ाकर एक हजार रुपए महीना कर दी जाएगी। गौरतलब है कि कांग्रेस ने वचन पत्र में यह वादा किया था। अप्रैल के पहले सप्ताह से मिलने वाली पेंशन की राशि बढ़ाकर 600 रुपए प्रतिमाह कर दी जाएगी। हर साल इसे बढ़ाया जाएगा।

तेंदूपत्ता मजदूरी 2500 रुपए प्रति मानक बोरा, नकद मिलेगा पैसा :- मुख्यमंत्री ने अगले तेंदूपत्ता सीजन से तेंदूपत्ता मजदूरी और बोनस का नकद भुगतान करने की घोषणा की। तेंदूपत्ता की मजदूरी दर भी 2000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 2500 रुपए प्रति मानक बोरा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं के लिए गौशाला खोलने की योजना को फरवरी में अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार ऐसी योजनाओं को बदलेगी या समाप्त करेगी, जो आम लोगों के लिए अब जरूरी नहीं रह गई हैं।

'लोगों की सरकार" नहीं, 'लोग ही सरकार" :- मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता और कुटीर व ग्रामोद्योगों से स्थानीय स्तर पर रोजगार देकर गांवों को समृद्ध और स्वावलंबी बनाया जाएगा। लोगों की भागीदारी से ग्राम पंचायतवार योजनाएं बनेंगी। 'लोगों की सरकार" की बजाय 'लोग ही सरकार" के सिद्धांत पर त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को सशक्त बनाएंगे। ग्राम सभाओं को और अधिक सशक्त बनाते हुए विशेष महिला ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी।
- सड़क, बिजली, सिंचाई, जल आपूर्ति, नगरीय अधोसंचना पर विशेष ध्यान। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से पैसा लिया जाएगा।

- कुपोषण के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
- जनता का मूल्यांकन ही सही माना जाएगा। प्रचार कम, काम ज्यादा होगा।

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