कांग्रेस CM के नाम पर दिल्ली से भोपाल तक कश्‍मकश, जल्‍द होगी घाेषणा - .

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Thursday, 13 December 2018

कांग्रेस CM के नाम पर दिल्ली से भोपाल तक कश्‍मकश, जल्‍द होगी घाेषणा

MP Election 2018 : कांग्रेस CM के नाम पर दिल्ली से भोपाल तक कश्‍मकश, जल्‍द होगी घाेषणा

राजभवन में बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद कांग्रेस में दूसरे दिन भावी मुख्यमंत्री को लेकर दिल्ली से भोपाल तक कश्‍मकश की स्थिति बनी रही। वहीं दिल्‍ली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के साथ बैठक के बाद कमलनाथ व सिंधिया ने कहा कि वे भोपाल जा रहे हैं। कमलनाथ ने कहा कि आज ही फैसला हो जाएगा। वहीं कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया है जिसमें वे ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया व कमलनाथ के हाथ में हाथ डाले खड़े हैं।
जहां दिल्ली में राहुल गांधी-सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के साथ सीएम पद के दोनों दावेदारों कमलनाथ-ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ किसी एक नाम पर सहमति बनाने के लिए बैठकों का दौर चलता रहा तो भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से लेकर कमलनाथ-अजय सिंह के बंगले पर शक्ति प्रदर्शन के रूप में विधायक-कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। दिल्ली में अनिर्णय की स्थिति के चलते विधायक दल की बैठक का समय पांच बार बदलना पड़ा। भोपाल में कमलनाथ-सिंधिया के समर्थक अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर आमने-सामने आ गए और नारों के जरिए शक्ति प्रदर्शन करते रहे। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह भी भोपाल में सक्रिय रहे।
स्थिति को भांपते हुए प्रशासन ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी ) और कमलनाथ के सरकारी बंगले पर पुलिस सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं। पीसीसी के सामने कमलनाथ-सिंधिया के बीच पोस्टरवार दिखाई दिया। भोपाल में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस दफ्तर और वरिष्ठ नेता अजय सिंह के सरकारी बंगले पर दिनभर गहमा-गहमी रही। पोस्टरों में यहां तक लिखा गया कि 'ऊपर भोलेनाथ, नीचे कमलनाथ"। ग्वालियर में प्रसिद्ध अचलेश्वर मंदिर में सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
सिंधिया को लेकर होती रही नारेबाजी :- कांग्रेस विधायक दल का नेता कौन होगा, इसे लेकर दिनभर असंमजस रहा। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर चार-पांच घंटे तक ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में नारेबाजी होती रही। परिणाम आने के बाद जब यह संदेश आम हुआ कि अध्यक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश की कमान कमलनाथ को सौंप रहे हैं, तत्काल बाद पूरे प्रदेश से सिंधिया समर्थक भोपाल पहुंच गए और नारेबाजी के माध्यम से दबाव बनाने में जुट गए। पीसीसी के बाहर कई बार टकराव के आसार भी बने। नारेबाजी करने वालों में कुछ नवनिर्वाचित विधायक भी शामिल थे। दिल्ली से भोपाल तक पहुंची खबरों के मुताबिक मध्य प्रदेश को लेकर राहुल गांधी के निवास पर दो बजे बैठक बुलाई गई थी। वहां अनिर्णय बना रहा और इधर भोपाल में नारेबाजी बढ़ती रही।
अजय सिंह का निवास :- अजय सिंह के बंगले पर विधायकों का जमावड़ा लगना शुरू हुआ। नवनिर्वाचित विधायक डॉ. गोविंद सिंह, विक्रम सिंह नातीराजा, नीलांशु चतुर्वेदी, आलोक चतुर्वेदी, सुनीता पटेल, सुनीता कासडेकर, विनय सक्सेना, नीरज दीक्षित, ठा. सुरेंद्र सिंह शेरा भैया सहित पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव व अन्य नेता पहुंचे थे। सिंह से मिलते ही अरुण यादव भावुक हो गए। अजय सिंह ने उनका कंधा दबाते हुए ढांढस बंधाया। यहां डॉ. गोविंद सिंह ने मीडिया से कहा कि कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनना चाहिए। साथ ही कुछ नेताओं ने सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग भी की। नीलांशु, सुनीता पटेल, विनय, सुरेंद्र सिंह सहित कुछ अन्य नवनिर्वाचित विधायकों ने अजय सिंह के लिए अपनी सीट खाली करने की पेशकश की है।
समय- दोपहर 2:00 बजे :- पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उनके साथ पुत्र विधायक जयवर्द्धन सिंह भी थे। दिग्विजय के पहुंचते ही वहां मौजूद कई विधायकों ने मुलाकात की। पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा भी दिग्विजय सिंह के पहुंचने पर पहुंचे। विधायक दल के नेता के लिए होने वाली विधायक दल की बैठक के पहले दिग्विजय से मिले विधायकों ने रणनीति पर बातचीत भी की।
कमलनाथ निवास :- दिल्ली में जब कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के नाम को फाइनल करने के लिए बैठक चल रही थी तो भोपाल में कमलनाथ के श्यामला हिल्स स्थित सरकार बंगले पर पुलिस इंतजाम बढ़ा दिए। यही नहीं, मुख्यमंत्री सुरक्षा के पुलिस अधीक्षक मनु व्यास ने भी वहां पहुंचकर सुरक्षा का जायजा लिया। बंगले के भीतर डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमों ने निरीक्षण किया। इसके बाद बंगले के भीतर आम आदमी को बिना सुरक्षा जांच के प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई।
पांच बार बदला बैठकों का समय :- दिल्ली में किसी एक नाम पर सहमति न बनने के कारण कांग्रेस विधायक दल की बैठक का समय पांच बार बदलना पड़ा। पहले यह बैठक शाम 4 बजे होनी थी। पहली बार इसे बढ़ाकर 5 बजे किया गया। फिर 6 बजे हुआ और रात साढ़े आठ बजे की सूचना आई, अंत में इसका समय 10 बजे का बताया गया। हालांकि शाम सात बजे तक कमलनाथ, सिंधिया व केंद्रीय पर्यवेक्षक, राहुल गांधी के बंगले से बाहर नहीं निकले थे। 

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