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Tuesday, 25 December 2018

दो महिला, एक अल्पसंख्यक और एक निर्दलीय को बनाया मंत्री

MP Cabinet: दो महिला, एक अल्पसंख्यक और एक निर्दलीय को बनाया मंत्री

कमलनाथ के मंत्रिमंडल में दो महिलाओं और एक अल्पसंख्यक विधायक को भी जगह दी गई है। डॉ. वियजलक्ष्मी साधो और इमरती देवी को मंत्री बनाया गया, वहीं भोपाल से अल्पसंख्यक विधायक आरिफ अकील को भी मंत्री बनाया गया है। इनमें एक निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को भी मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल गठन के लिए कमलनाथ ने सभी क्षेत्रों और वर्गों को ध्यान में रखा गया, लेकिन फिर भी मालवा-निमाड़ से सबसे ज्यादा 8 और विंध्य से 2 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। 17 ऐसे विधायक भी इनमें शामिल हैं जो पहली बार मंत्री बनाए गए हैं।
युवाओं और मंत्रियों को मिली जगह :- मंत्रिमंडल में युवाओं और अनुभवी नेताओं को जगह दी गई है। आरिफ अकील, गोविंद सिंह, पीसी शर्मा, तुलसीराम सिलावट सीनियर, बृजेंद्र सिंह राठौर, सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन वरिष्ठों में शामिल हैं। जयवर्धन सिंह, जीतू पटवारी, सचिन यादव, सुरेंद सिंह बघेल, प्रद्युमन सिंह, प्रियव्रत सिंह, हर्ष यादव, सुखदेव पांसे युवा मंत्रियों में शामिल है।
किस क्षेत्र से कितनी विधायक
विंध्य - 2, मालवा निमाड - 8, महाकोशल - 4, बुंदेलखंड – 3, मध्य क्षेत्र - 6, चंबल-ग्वालियर - 5
डॉ. गोविंद सिंह भिंड की लहार सीट से सातवीं बार विधायक चुने गए। उनका राजनीति में 30 साल का अनुभव रहा है। वर्ष 1990 से वे लगातार विधायक रहे। उनकी शैक्षणिक योग्यता बीएएमएस है और पूरे इलाके में लोग उन्हें डॉक्टर साहब के नाम से बुलाते हैं। जीतू पटवारी राऊ से विधायक हैं, वे कांग्रेस के साथ लंबे समय से जुड़े रहे हैं। राऊ विधानसभा बनते ही इन्हें पहली बार टिकट दिया गया और दूसरी बार में यह विधायक बने। इस बार उन्होंने भाजपा के मधु वर्मा को हराकर जीत हासिल की। उनके पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी टीम है। क्षेत्र में लोगों से उनका लगातार जुड़ा है, इसके साथ ही छात्र राजनीति और किसानों में भी पटवारी की अच्छी पैठ मानी जाती है। जीतू पटवारी ने बीए और एएलबी की पढ़ाई की है।
बाला बच्चन बड़वानी की राजपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। इसके पहले ये चार बार विधायक और इसी दौरान स्वास्थ राज्यमंत्री रह चुके हैं। सत्ता और संगनठ में कई बड़े पदों पर रहने से उन्हें खासा अनुभव है। चुनाव मैनेजमेंट में भी बच्चन माहिर माने जाते हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के शिक्षा प्राप्त की है।यह भी पढ़ें
वियजलक्ष्मी साधौ महेश्वर से विधायक हैं। 33 साल से वे राजनीति में सक्रिय रही हैं। वे कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव, पूर्व राज्यसभा सदस्य और मंत्री रही हैं। लंबा राजनीतिक अनुभवन, राजनीतिक परिवार और कई विभागों में मंत्री रहना उनकी ताकत मानी जाती है।
तुलसी सिलावट सांवरे से विधायक हैं। सिलावट पहले मंत्री रह चुके हैं, उनकी कार्यकर्ताओं में अच्छी पकड़ है। वे लगातार जनता की समस्याओं को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। अपनी राजनीतिक अनुभव और लोगों से जुड़ाव को उनकी ताकत कहा जाता है। सिलावट ने एमए, एएलबी की शिक्षा प्राप्त की है।

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