बीएस-6 के बाद डीजल कारों से तौबा कर सकती हैं कंपनियां - .

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Saturday, 22 December 2018

बीएस-6 के बाद डीजल कारों से तौबा कर सकती हैं कंपनियां

बीएस-6 के बाद डीजल कारों से तौबा कर सकती हैं कंपनियां

अप्रैल, 2020 से पूरे देश में लागू होने वाला बीएस-6 उत्सर्जन नियम डीजल कारों के लिए मुसीबत साबित हो सकती है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने संकेत दे दिए हैं कि बीएस-6 नियमों के बाद उसके लिए डीजल कारों पर दांव लगाना संभव नहीं होगा। कंपनी का कहना है कि नए मानकों के अनुरूप कार तैयार करने की लागत बढ़ने की वजह से डीजल कारों की कीमत में ढाई लाख रुपए तक इजाफा हो सकता है। अन्य कार कंपनियों की तैयारी को देख कर भी यही लगता है कि वे 10 लाख रुपए तक की कीमत वाली कारों का डीजल वर्जन बनाने पर दांव नहीं लगाएंगी।

मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव का कहना है कि बीएस-6 नियम लागू होने के बाद डीजल कारों के मुकाबले ज्यादा उन्नत हाइब्रिड कार बनाने में ही समझदारी होगी। फिलहाल पेट्रोल और डीजल कारों के बीच कीमतों का जो अंतर है, वह बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि मारुति सुजुकी एक नई तकनीक (स्ट्रांग हाइब्रिड) पर काम कर रही है, जिसकी मदद से पेट्रोल कारों की माइलेज भी 30 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकेगी। इससे उन ग्राहकों को कवर किया जा सकेगा जो माइलेज के लिए डीजल कार खरीदते हैं।

भार्गव ने डीजल या पेट्रोल से चलने वाली पैसेंजर कारों पर अतिरिक्त टैक्स लगाकर इससे इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है तो यह गलत होगा। सबसिडी के जरिए घरेलू बाजार में बैटरी से चलने वाली कारों को स्थापित नहीं कराया जा सकता। सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहित करने के लिए पेट्रोल और डीजल कारों पर 25 हजार रुपए तक का अतिरिक्त उपकर लगाने का इरादा जताया है।जारी रहेगी कार बाजार में मंदीभार्गव का कहना है कि फिलहाल कुछ महीनों तक बाजार में मंदी का माहौल जारी रहने के आसार हैं। चालू वित्त वर्ष में कंपनी की बिक्री में औसतन 8 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है, जबकि पहले कंपनी ने इसके दहाई अंक में होने का अनुमान लगाया था।
पिछले पांच महीनों से कंपनी के वाहनों की बिक्री में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। पेट्रोल और डीजल महंगा होने के साथ ही ब्याज दरों और वाहन बीमा के प्रीमियम में बढ़ोतरी से कार खरीदारों की संख्या में गिरावट आई है।क्या है बीएस-6बीएस यानी भारत स्टेज के विभिन्न चरण देश में वाहनों के लिए तय उत्सर्जन मानक हैं। इन्हें यूरोपीय देशों में उत्सर्जन के समकक्ष मानकों के हिसाब से भारतीय प्राधिकरणों ने अपनाया हुआ है। फिलहाल देश में वाहनों के लिए उत्सर्जन मानक बीएस-4 चल रहा है। बीएस के पिछले चरण के मानक अपनाने में देरी होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-5 को छोड़ते हुए अप्रैल, 2020 में सीधे बीएस-6 मानक अपनाने का आदेश दिया हुआ है।

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