तीन साल बाद दफनाए गए गोवा के पादरी, मौत को लेकर था शक - .

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Wednesday, 7 November 2018

तीन साल बाद दफनाए गए गोवा के पादरी, मौत को लेकर था शक

तीन साल बाद दफनाए गए गोवा के पादरी, मौत को लेकर था शक
पादरी से पर्यावरण कार्यकर्ता बने फादर बिस्मार्क डिआस को निधन होने के तीन साल बाद दफना दिया गया। 2015 में निधन होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप के कारण उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था। परिवार के लोगों की सहमति के बाद रविवार को उन्हें गोवा में उनके पैतृक गांव सेंट इस्टेवम में दफनाया गया। निधन के समय फादर डिआस की उम्र 52 वर्ष थी। पांच और छह नवंबर 2015 की मध्य रात्रि को वह उत्तरी गोवा में मांडोवी नदी में मृत पाए गए थे। उनके परिवार और मित्रों ने रहस्यमय परिस्थितियों पर संदेह जताया था। अपराध शाखा ने जांच के निष्कर्ष में बताया था कि डूबने से पादरी की मौत हुई।
मगर, उनके परिजनों ने इस बात को मानने से इंकार कर दिया था, क्योंकि वह एक अच्छे तैराक थे। फादर डिआस पर्यावरण के मुद्दे पर कई प्रदर्शनों में आगे रहे थे। उत्तरी गोवा के तेरेखोल गांव में एक पांच सितारा होटल के गोल्फ कोर्स प्रोजेक्ट का उन्होंने विरोध किया था। लिहाजा, उनके परिजन मान रहे थे कि डूबने की वजह से उनकी मौत नहीं हो सकती है। वे मान रहे थे कि फादर की हत्या की गई है। इसलिए परिजन निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए फादर का शव लेने से मना कर रहे थे। शुरुआत में पुलिस ने इसे अप्राकृतिक मौत कहा था।
मगर, परिजनों और लोगों ने इस बात पर भी पुलिस का ध्यान दिलाया था कि मौत के एक दिन पहले फादर ने एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने कहा था कि बिल्डरों और स्थानीय नेताओं की ओर से उन्हें धमकी मिल रही है।बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर उनकी मौत को हत्या के मामले के रूप में दर्ज किया गया था। उनका शव गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शव गृह में रखा हुआ था। मंगलवार को डायस के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि परिजनों ने आखिरकार उन्हें दफनाने पर सहमति जता दी। इसके बाद 4 नवंबर को 100 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी में शव दफनाने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

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